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NCERT की 8वीं सोशल साइंस की नई किताब पर रातोंरात रोक, सॉलिसिटर जनरल ने मांगी माफी

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नई दिल्ली, 26 फरवरी। NCERT 8वीं क्लास की नई बुक पर रातोंरात रोक लग गई है। शिक्षा मंत्रालय के दखल के बाद नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 8वीं सोशल साइंस की किताब का डिस्ट्रीब्यूशन बंद कर दिया है। यह फैसला सोशल साइंस के एक चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान के बाद लिया गया है। अब फिर से एक्सपर्ट्स किताब पर चर्चा करेंगे और एक प्रक्रिया के बाद विवादित चैप्टर को फिर से लिखा जाएगा।

दरअसल, नई एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और स्कूल एजुकेशन के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के हिसाब एनसीईआरटी स्कूल की नई किताबें तैयार कर रहा है। अब तक क्लास 1 से 8 तक के लिए टेक्स्टबुक्स बन चुकी हैं। 8वीं क्लास के लिए सोशल साइंस की टेक्स्टबुक का पार्ट 1 पिछले साल जुलाई में रिलीज हुआ था, जबकि पार्ट-2 23 फरवरी 2026 को जारी किया गया। पार्ट-2 की नई बुक जारी होने के बाद इसके चैप्टर चर्चा का विषय बन गए। विपक्ष, हाईकोर्ट के जज और अब सुप्रीम कोर्ट के जज ने इसके चैप्टर पर आपत्ति जताई।

NCERT 8वीं सोशल साइंस की किताब पर क्यों लगी रोक?
8वीं सोशल साइंस की नई किताब में विवादित चैप्टर ‘जुडिशरी में करप्शन’ की वजह से रोक लगाई गई है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की कक्षा 8 की किताब में ‘जुडिशरी में करप्शन’ चैप्टर पर चिंता जताई। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘दुनिया में किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह एक सोची-समझी और गहरी साजिश लगती है। मुझे पता है इससे कैसे निपटना है। मैं यह केस खुद हैंडल करूंगा।’

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के सामने सीनियर वकील कपिल सिब्बल और डॉ अभिषेक मनु सिंघवी ने यह मुद्दा मुद्दा उठाया। सिब्बल ने कहा कि कक्षा 8 के बच्चों को जुडिशरी में करप्शन के बारे में पढ़ाया जाना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि संस्था के सदस्य होने के नाते वे इससे परेशान हैं।

चीफ जस्टिस ने कहा कि वह मामले के बारे में जानते हैं। इसे लेकर उन्हें कई फोन कॉल्स और मैसेज मिले हैं। यह एक सोची-समझी चाल लग रही है। मै अधिक कुछ नहीं कहूंगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही आदेश पारित कर स्वतः संज्ञान ले लिया है। उन्होंने कहा कि बार और बेंच दोनों चिंतित है और हाई कोर्ट के कई जज भी इस विषय को लेकर परेशान हैं। चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि अन्य संस्थानों में करप्शन का कोई उल्लेख नहीं में कुछ विवादित बाते प्रकाशित हुई है, जिस पर खेद है।

NCERT ने माफी मांगते हुए बताई वजह
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और शिक्षा मंत्रालय के बाद एनसीईआरटी ने माफी मांगी। एनसीईआरटी ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब पर रोक लगा दी। 8वी सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित विवादास्पद हिस्से को हटाने का फैसला किया गया है। देर रात एनसीईआरटी ने बयान जारी कर कहा, ये गलती अनजाने में हुई। प्रकाशित विवादित कंटेंट पर खेद है। NCERT का कहना है कि यह गलती अनजाने में हुई है। NCERT ने कहा कि वह देश की न्यायपालिका और संविधान का बहुत सम्मान करती है और यह गलती अनजाने में हुई है। इस किताब के चैप्टर को विशेषज्ञों की सलाह के बाद फिर से लिखा जाएगा।

एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘NCERT फिर से कहता है कि नई टेक्स्टबुक्स का मकसद स्टूडेंट्स के बीच कॉन्स्टिट्यूशनल लिटरेसी, इंस्टीट्यूशनल रिस्पेक्ट और डेमोक्रेटिक पार्टिसिपेशन की जानकारी भरी समझ को मजबूत करना है। किसी भी कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी के अधिकार पर सवाल उठाने का कोई इरादा नहीं है। अपने लगातार रिव्यू प्रोसेस के हिस्से के तौर पर, NCERT फीडबैक के लिए तैयार है।’

सॉलिसिटर जनरल ने मांगी माफी
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बिना शर्त माफी मांगी। मेहता ने कहा कि अध्याय तैयार करने वाले दोनों व्यक्ति मंत्रालय की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं किए जाएंगे। शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा, ‘बाजार में 32 पुस्तकें आई थीं जिन्हें वापस लिया जा रहा है। बाकी पुस्तकों का प्रसार हम नहीं कर रहे हैं। पूरे अध्याय की समीक्षा एक नई टीम द्वारा की जाएगी।’

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