सुरों के सरताज सतिंदर ने परेड ग्राउंड में दी लाइव प्रस्तुति, जमकर झूमे दूनवासी

देहरादून, 1 मार्च। प्रसिद्ध गायक, गीतकार और कवि सतिंदर सरताज का बहुचर्चित हेरिटेज इंडिया टूर 2025-26 रविवार को दून पहुंचा। सुरों के सरताज ने एक से बढ़कर एक शानदार गीतों की प्रस्तुति से सूफियाना शाम को सजा दूनवासियों के इस पल को यादगार बना दिया।
सरताज ने लाइव शो से कार्यक्रम में समां बांधा
परेड ग्राउंड में लाइव प्रस्तुति देने से पहले सरताज ने गुरु रामराय को यादकर कार्यक्रम की शुरुआत की। वहीं, इस मौके पर उन्होंने सिखों के गुरुओं को भी याद किया। लाइव शो में सरताज ने अपने लोकप्रिय सूफियाना और लोकगीतों की प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने गीतों की शुरुआत अपने बगीचे गीत से की। उनकी अपने ते रंग चढ़ाई… साईं गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति पर लोगों ने तालियां बजाकर आनंद लिया। उन्होंने कहा कि इस गीत ने उन्हें पहचान दिलाई है और कहा कि हर आदमी के अंदर फकीर होता है। वहीं, शरबत हो गई आज सहस्रधारा वे… गीत में उन्होंने मसूरी, कैंपटीफाल का भी जिक्र किया।
उन्होंने दुनिया में चल रहे युद्ध को त्रासदी बताया और मारे जा रहे लोगों के प्रति सहानुभूति भी जताई। साथ ही कुछ पंक्तियों से पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी बताया। सरताज ने एक प्यार का नगमा है… गीत गाया तो लोगों ने भी उनका खूब साथ दिया। उनके पंजाबी गीतों पर लोग देर रात तक झूमते रहे। प्रसिद्ध गीत सबसे मंहगी होंदी है मासूमियत… पर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं। दिल सकून वाला नहीं कठोर हो गया… गीत ने लोगों को भावुक भी कर दिया।
उनके भावपूर्ण शब्द, गहरी संवेदना और शास्त्रीय संगीत की झलक ने श्रोताओं को एक अलग ही अनुभव कराया। कार्यक्रम को लेकर युवाओं से लेकर सभी संगीत प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
श्री दरबार साहिब में टेका मत्था
गायक सतिंदर सरताज अपने कार्यक्रम के लिए शनिवार को ही दून पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले श्री दरबार साहिब में मत्था टेका। इस दौरान उन्होंने श्री दरबार साहिब में बनी कलाकृतियों को भी देखा।



