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ईरान युद्ध के चलते रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा; सरकार के पास 15 दिन का स्टाक बचा

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नई दिल्ली, 6 मार्च. ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और हालिया सैन्य संघर्ष के कारण भारत में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर चुौतियां जरूर पैदा हुई हैं, लेकिन फिलहाल घबराने की स्थिति नहीं है। मिडल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस (एल.पी.जी.) की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आपात शक्तियों (एमरजैंसी पावर) का इस्तेमाल करते हुए सभी तेल रिफाइनरियों को एल.पी.जी. उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है।

सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
ताजा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने सभी तेल रिफाइनरियों जैसे IOC, BPCL, HPCL को आदेश दिया है कि वे घरेलू स्तर पर LPG का उत्पादन अधिकतम करें। रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे उद्योगों के बजाय प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का इस्तेमाल केवल रसोई गैस बनाने के लिए करें। भारत अब खाड़ी देशों पर निर्भर रहने के बजाय अमेरिका और अन्य देशों से भी LPG मंगा रहा है। 2026 की शुरुआत से अमेरिका से लगभग 10 प्रतिशत आयात शुरू हो चुका है। मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है। इससे गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने 5 मार्च को देर रात यह आदेश जारी किया।  इन गैसों का उपयोग किसी और काम में नहीं किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त एल.पी.जी. केवल इंडियन ऑयल (आई.ओ.सी.), भारत पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बी.पी.सी.एल.) और हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एच.पी.सी.एल.) को ही दी जाएगी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की आपूर्ति बिना बाधा जारी रहे।

सरकार के पास 15 दिन का स्टाक बचा
विशेषज्ञों के अनुसार भारत के पास वर्तमान में लगभग 10 से 15 दिनों का LPG स्टाक उपलब्ध है। सरकार लगातार वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से बातचीत कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घरों में गैस की किल्लत न हो। सप्लाई पूरी तरह रुकने का खतरा कम है, क्योंकि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं, लेकिन परिवहन में देरी के कारण कुछ समय जरू लग सकता है।

कीमतों में हो सकती है बढ़ोतरी
यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे भविष्य में सब्सिडी वाले और बिना सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

यूरिया की कीमतों में उछाल
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। इसका सीधा प्रभाव खाद की कीमतों पर भी पड़ा है। कच्चे तेल और एल.एन.जी. (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की कीमतें बढ़ रही हैं, और इनके साथ-साथ यूरिया और डी.ए.पी. जैसे उर्वरकों के दाम भी तेजी से ऊपर जा रहे हैं।

देश के 4 हवाई अड्डों पर 142 उड़ानें रद्द
मुंबई. पश्चिम एशिया संकट से उड़ानों का संचालन भी प्रभावित हुआ है और शुक्रवार को मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु व कोलकाता हवाई अड्डों पर 142 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। यद्यपि कई एयरलाइन ने आंशिक रूप से परिचालन शुरू कर दिया है और उनमें से कुछ पश्चिम एशिया के कुछ गंतव्यों के लिए सीमित सेवाएं संचालित कर रही हैं।
अमरीका-इसराईल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने हवाई संचालन को प्रभावित किया है क्योंकि पश्चिम एशिया के कुछ हवाई क्षेत्रों को बंद कर दिया गया है। ‘अकासा एयर’ ने कहा कि वह शुक्रवार को मुंबई-जेद्दा-मुंबई उड़ान संचालित करेगी। एयरलाइन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि शनिवार को वह मुंबई, अहमदाबाद और कोच्चि से जेद्दा के लिए उड़ानें संचालित करेगी।

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