
हरिद्वार, 8 मार्च। देहरादून से एक धार्मिक कार्यक्रम से वापस लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक ट्रक, दो कार और बस में टक्कर हो गई। इस दौरान डंपर और ट्रैक्टर में आग लग गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान कुसुम निवासी बिजनौर के रूप में होना बताया जा रहा है। वहीं, इस दौरान एक बच्चे की भी मौत हुई है।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान हाईवे पर जाम लग गया। जानकारी के मुताबिक, रायवाला से हरिद्वार की ओर जाने वाली लेन पर आगे चल रही एक कार चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया। जिससे उसके पीछे चल रहा ट्रैक्टर कार से टकरा गया। इसके बाद ट्रैक्टर को भी एक ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि कार सवार दो लोग जिंदा जल गए हैं जिनमे एक महिला और बच्चा शामिल है। ट्रक में करीब 32 लोग सवार थे, जो छिटक कर इधर उधर गिर गए। वहीं, घायलों को हरिद्वार अस्पताल भेजा गया है।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बढ़ाया मदद का हाथ
घटना के दौरान स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। मौके पर मौजूद लोगों ने फायर कर्मियों और पुलिस की मदद करते हुए रास्ता साफ कराने, वाहनों को हटाने और स्थिति को संभालने मे पूरा सहयोग किया।
हादसे के बाद लंबा जाम, हरिद्वार से रायवाला तक यातायात प्रभावित
घटना के बाद क्षेत्र में लंबा जाम लग गया। एक ओर हरिद्वार की दिशा तक और दूसरी ओर रायवाला तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हादसे और सड़क पर खड़े वाहनों के कारण मार्ग बाधित हो गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रहकर यातायात को सुचारू करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हटाने और रास्ता साफ होने के बाद ही यातायात सामान्य हो पाएगा।
फ्लाईओवर की लाइटें बंद होने से रेस्क्यू कार्य में आई दिक्कत
फ्लाईओवर पर हुई घटना के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में उस समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब फ्लाईओवर की सभी स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं। अंधेरा होने के कारण मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और राहत दल को रेस्क्यू अभियान चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि यदि फ्लाईओवर की लाइटें चालू होतीं तो राहत एवं बचाव कार्य और अधिक तेजी से किया जा सकता था। अंधेरे के कारण घटनास्थल का सही आकलन करने और आवश्यक कार्रवाई करने में भी समय लगा। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी माना कि पर्याप्त रोशनी न होने से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर पर अक्सर लाइटें बंद रहती हैं, जिससे रात के समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से फ्लाईओवर की स्ट्रीट लाइटों को नियमित रूप से चालू रखने और रखरखाव की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
ओवर लोडेड ट्रक हटाना बना चुनौती
घटना के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को मौके से हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान ट्रक का प्रेशर सिस्टम टूट गया, जिसके बाद उसके ब्रेक जाम हो गए। ट्रक ओवर लोडेड होने के कारण वह अपनी जगह से हिल भी नहीं पा रहा है, जिससे उसे हटाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। ट्रक को सड़क से हटाने के लिए मौके पर दो जेसीबी और एक क्रेन लगाई गई है। पुलिस और प्रशासन की टीम मशीनों की मदद से ट्रक को हटाने का प्रयास कर रही है, ताकि मार्ग को जल्द से जल्द साफ कर यातायात को सुचारू किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि ट्रक के हटने के बाद ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो पाएगी।
बीच सड़क पर वाहन छोड़कर भागे चालक
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान कई वाहन चालक अपने वाहन बीच सड़क पर ही लॉक कर छोड़कर वहां से भाग गए। जिससे राहत एवं बचाव कार्य में काफी बाधा उत्पन्न हुई। घटनास्थल तक पहुंचने में फायर कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर खड़े वाहनों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई। ऐसे में फायर कर्मियों ने खुद आगे बढ़कर हाथों से ही वाहनों को हटाया और रास्ता बनाकर घटनास्थल तक पहुंचने का प्रयास किया। फायर कर्मियों की तत्परता और मेहनत से राहत एवं बचाव कार्य को आगे बढ़ाया जा सका।



