
नई टिहरी, 8 मार्च। टिहरी लेक फेस्टिवल की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड गायक व म्यूजिक कंपोजर अमित त्रिवेदी और साथी कलाकारों ने धूम मचा दी। दर्शक उनकी लाइव परफार्मेंस पर देर रात तक पंडाल में झूमने पर मजबूर हुए। वहीं सुरगंगा संगीत विद्यालय की ओर से टिहरी पर नाटक और गंगावतरण का भव्य मंचन ने दर्शकों की वाहवाही लूटी। इस महोत्सव का आयोजन आजादी पहाड़ों में की थीम पर किया जा रहा है।
डॉ. विकास फोंदणी निर्देशित नाटक देख भाव विभोर हुए दर्शक
टिहरी झील महोत्सव की तीसरी सांत्कृतिक संध्या अमित त्रिवेदी के नाम रही। कोटी कालोटी के तट पर बने भव्य मंच पर जैसे ही उन्होंने कदम रखा, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों से गूंज उठा। अमित ने जय हो जय हो शंकरा, जयकाल-महाकाल से गाने की शुरुआत की। जिससे वहां माहौल भक्तिमय बन गया। उन्होंने लव यू जिंदगी पर बच्चे से लेकर बड़े और नेताओं से लेकर अधिकारियों को झूमने पर मजबूर किया। इसके अलावा अपने कई हिट सांग और मिक्स फिल्मी सांग की प्रस्तुति दी। मेघना मिश्रा ने हवा के झोंके आज मौसम से संवार दो। देवेंद्र पाल सिंह ने एक कुड़ी बेगाना मोहब्बत। अरुण कांवत ने ये फितूर तेरा। जाह्नवी जैन ओ रे मन और गूंजा सा है, कोई एक तरा गाकर लोगों को जमकर मनोरंजन किया।
रात 11 बजे कार्यक्रम का समापन हुआ। इससे पहले झील में गंगा अवतरण का प्रभावशाली नाट्य मंचन और भव्य गंगा आरती कराई गई। मेरी प्यारी टिहरी जल में बसी याद थीम पर आधारित डॉ. विकास फोंदणी निर्देशित नाटक के मंचन पर दर्शक भावविभोर हुए। जिसमें पुरानी टिहरी के बसने से लेकर उसके उजड़ने तक की मार्मिक कहानी थी। नाटक में जशोदा नेगी, गोविंद बिष्ट, देवेंद्र नौडियाल, महिपाल नेगी, त्रिहरि नेगी, अरविंद कोहली ने प्रभावशाली अभिनय किया। अमित त्रिवेदी के अलावा इस संध्या में और भी कई प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। उत्तराखंड के उभरते हुए गायकों और लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों के जरिये प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।
इस मौके पर विधायक किशोर उपाध्याय, डीएम नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मान सिंह रौतेला, कुलदीप पंवार मौजूद रहे।



