घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब 25 दिन से पहले नहीं होगी दूसरी बुकिंग

नई दिल्ली, 10 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुई बाधाओं के बीच, भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को तत्काल प्रभाव से एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और उसे प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपयोग के लिए आवंटित करने का आदेश जारी किया है.
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत
मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में अनिश्चितता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. सरकार की प्राथमिकता करीब 33 करोड़ घरेलू गैस कनेक्शन धारकों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है. रिफाइनरियों को निर्देशित किया गया है कि उत्पादन में होने वाली किसी भी अतिरिक्त वृद्धि को सीधे घरेलू वितरण चैनलों में भेजा जाए.
जमाखोरी रोकने के लिए 25 दिन’ का नियम
बाजार में गैस की किल्लत की अफवाहों और कालाबाजारी की संभावनाओं को खत्म करने के लिए मंत्रालय ने बुकिंग प्रणाली में बदलाव किया है. अब घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दो रिफिल बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल तय किया गया है. पहले यह अवधि कम थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सिलेंडरों की जमाखोरी न हो और आपूर्ति का वितरण समान बना रहे.
केंद्र सरकार ने लागू किया एस्मा
दरअसल, केंद्र सरकार ने देश में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए सरकार ने देश में आवश्यक वस्तु कानून यानी एस्मा लागू कर दिया है, जिसे लेकर केंद्र ने एक नोटिफिकेशन भी जारी किया है। इसमें गैस कंपनियों को प्राथमिकता वाले सैक्टरों के अनुसार गैस सप्लाई करने का आदेश दिया गया है। वहीं बताते चलें कि सोमवार से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि वहां रैस्टोरैंट, होटल, ढाबों पर अचानक कमर्शियल एल.पी.जी. सिलैंडरों की सप्लाई बंद कर दी गई है। दिल्ली में रैस्टोरैंट और होटलों के संगठन ने बताया कि कई रैस्टोरैंट और होटलों के पास सिर्फ आज रात तक का ही स्टॉक है।
देश में एल.पी.जी. का प्रोडक्शन 10 प्रतिशत बढ़ा
नई दिल्ली : खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के बीच सरकार ने कहा कि देश में एल.पी.जी. का प्रोडक्शन 10 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। सरकार ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ गैस का उत्पादन कर रही हैं। इसके साथ ही, सरकार ने देश में एल.पी.जी. गैस की कमी से जुड़ी चिंताओं को भी खारिज कर दिया। सरकार ने कमर्शियल एल.पी.जी. सिलैंडरों की किल्लत की खबरों के बीच कहा कि भारत ने होर्मुज स्ट्रेट को छोड़कर बाकी रूटों से आयात बढ़ा दिया है। पहले इन रूटों से 55 फीसदी तेल और गैस आता था, जिसे अब बढ़ाकर 70 फीसदी कर दिया गया है।
देहरादून में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सामान्य आपूर्ति पर रोक
शहर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट की स्थिति बन गई है। सप्लाई में आई बाधा के कारण दून में करीब दो दिन का बैकलॉग हो गया है। स्थिति को देखते हुए फिलहाल कमर्शियल गैस सिलिंडरों की सामान्य आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। वहीं, बुकिंग नंबर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। जिसके चलते उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि कमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई केवल आवश्यक सेवाओं को ही की जाए। इसके तहत शहर के अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को ही कमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
उधर, शहर के कई इलाकों में लोगों को सिलिंडरों की डिलीवरी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अनावश्यक गैस की बुकिंग न करने की अपील की है। उन्होंने कहा अगले दो दिनों में बैकलॉग खत्म करने का प्रयास होगा।



