29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर का वितरण शुरू

नई दिल्ली, 14 मार्च. बार-बार की अपीलों के बावजूद रसोई गैस सिलेंडर की निरंतर बढती बुकिंग के बीच सरकार ने शनिवार को एक बार फिर उपभोक्ताओं से घबराहट में बुकिंग नहीं करने की अपील की और कहा कि देश में एलपीजी की कमी नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर का वितरण शुरू हो गया है। साथ ही, रसोई गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देशभर में छापेमारी और औचक निरीक्षण तेज कर दिए गए हैं। वहीं, खाड़ी देशों से एलपीजी लेकर आ रहे दो और भारतीय जहाजों ने शनिवार सुबह युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया। ये जहाज 92,700 टन एलपीजी ला रहे हैं।
जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में बचे हुए 22 जहाज प्रतीक्षा में हैं, क्योंकि भारत सरकार उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र की सरकारों के साथ बातचीत कर रही है। जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एलपीजी ला रहे जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।
शिवालिक के 16 मार्च को मुंद्रा जबकि नंदा देवी पोत के 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। भारतीय ध्वज वाले जहाजों की निकासी भारतीय कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होने के साथ-साथ ये इस मायने में भी अहम है कि रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। सिन्हा ने कहा कि पश्चिमी हिस्से में बचे भारतीय ध्वज वाले 22 जहाजों में से छह एलपीजी पोत हैं, एक द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) वाहक है, चार कच्चे तेल के टैंकर हैं, एक रासायनिक उत्पादों की ढुलाई कर रहा है और तीन कंटेनर जहाज हैं और दो ‘बल्क कैरियर’ हैं।
उन्होंने बताया कि बाकी बचे जहाजों में से एक खाली है, जिस पर कोई माल नहीं है जबकि तीन जहाज ‘ड्राई डॉक’ यानी नियमित रखरखाव के लिए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेसवार्ता में कहा, ‘हमारे कई जहाज खाड़ी क्षेत्र में प्रतीक्षा में हैं। हम अपनी ऊर्जा सुरक्षा करने के मद्देनजर सभी संबंधित देशों के साथ संपर्क और समन्वय बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं ताकि उनके लिए सुरक्षित एवं निर्बाध पारगमन सुनिश्चित किया जा सके।’ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के बावजूद घबराहट में बुकिंग लगातार बढ़ रही है।



