
देहरादून, 18 मार्च। पूरे भारत में आज से मां दुर्गा की आराधना शुरू होगी। पहले दिन कलश स्थापना होगी। साथ ही मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इसके लिए सुबह से एक घंटे तक मुहूर्त रहेगा। साथ ही मंदिरों में अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। इसके लिए दिनभर बाजार गुलजार रहे। आज से हिंदू नवसंवत्सर 2083 की शुरूआत हो रही है।
हिंदू नववर्ष संवत्सर 2083 की शुरुआत
हिंदू नववर्ष सूर्य और चंद्रमा की गणना पर आधारित होता है। इसमें महीनों की गणना चंद्रमा की कलाओं के आधार पर होती है, लेकिन ऋतुओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए सौर गणना का भी प्रयोग किया जाता है। हिंदू नव वर्ष के साथ कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं, जैसे इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। साथ ही इसी समय वासुंतिक नवरात्र की भी शुरुआत होती है। अंग्रेजी और हिंदू नव वर्ष में 57 साल का अंतर होता है। हमारा विक्रमी संवत अंग्रेजी साल से 57 साल आगे चलता है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि हर साल चैत्र नवरात्र चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से मनाया जाता है। इस बार नवरात्र की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। चैत्र नवरात्र 27 मार्च तक चलेंगे। पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी। इसके लिए सुबह 6:52 बजे से 7: 53 बजे तक मुहूर्त रहेगा। साल में चार बार नवरात्र आते हैं। चैत्र, शारदीय, माघ और आषाढ़ नवरात्र।
ऐसे करें पूजा
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इसके लिए सबसे पहले घर के मंदिर या किसी साफ स्थान पर चौकी रखकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछा दें। इसके बाद एक पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ बोएं फिर तांबे या मिट्टी का कलश लेकर उसमें जल भरें और चावल, सुपारी आदि डालें। कलश के ऊपर आम के पत्ते रखें और ऊपर लाल कपड़े में लिपटा नारियल स्थापित करें। इसके बाद दीपक और धूप जलाकर मां दुर्गा का ध्यान करें और पूजा करें।
नवरात्र की तिथि
19 मार्च- प्रथम – मां शैलपुत्री की पूजा
20 मार्च- द्वितीय- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
21 मार्च- तृतीया- मां चंद्रघंटा की पूजा
22 मार्च- चतुर्थी – मां कुष्मांडा की पूजा
23 मार्च – पंचमी – मां स्कंदमाता की पूजा
24 मार्च- षष्ठी – मां कात्यायनी की पूजा
25 मार्च – सप्तमी- मां कालरात्रि की पूजा
26 मार्च – अष्टमी – मां महागौरी की पूजा
27 मार्च- नवमी- मां सिद्धिदात्री की पूजा
मूर्ति से लेकर खूब खरीदी गई माता की चुनरी
चैत्र नवरात्र के लिए बुधवार को दिनभर बाजार गुलजार रहे। सुबह से शाम तक बाजार में माता की मूर्ति, चुनरी, शृंगार का सामान, नारियल समेत पूजा की सामग्री की खरीदारी की गई। पलटन बाजार, हनुमान चौक, झंडा बाजार, धामावाला समेत अन्य बाजारों में शाम को काफी रौनक रही। व्यापारी शिवांश गुप्ता ने बताया कि माता की चुनरी 50 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक में बेची जा रही है।
नवसंवत्सर 2083 और चैत्र नवरात्र की आप सभी को शुभकानाएं।



