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उत्तराखंड हाईस्कूल, इंटर परीक्षा समाप्त, अब 29 केंद्रों पर 27 मार्च से शुरू होगा मूल्यांकन

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रामनगर, 20 मार्च। राज्य भर में आयोजित परिषदीय परीक्षा 2026 आज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई. अब अगले चरण में 27 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य शुरू किया जाएगा. वहीं पारदर्शिता के लिए मूल्यांकन कार्य सीसीटीवी निगरानी में कराया जाएगा. निदेशक माध्यमिक शिक्षा एवं सभापति उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के निर्देशन में आयोजित परिषदीय परीक्षा 2026 का बीते दिन सफल समापन हो गया. हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 1 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

1261 केंद्रों पर आयोजित हुई थी हाईस्कूल, इंटर परीक्षा
परीक्षा पूरे राज्य में 1261 केंद्रों पर शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित की गई. 21 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस परीक्षा में इस वर्ष हाईस्कूल में 1 लाख 12 हजार 266 और इंटरमीडिएट में 1 लाख 2 हजार 986 परीक्षार्थियों ने भाग लिया. परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे पूरी प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकी. परीक्षा के सफल आयोजन के लिए परिषद ने सभी संबंधित विभागों, अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है. साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग को भी सराहा गया है, जिनकी मदद से परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में पूरी कराई जा सकी.

29 केंद्रों पर 27 मार्च से शुरू होगा मूल्यांकन
अब परीक्षा के अगले चरण में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य किया जाएगा. यह प्रक्रिया 27 मार्च 2026 से शुरू होकर 10 अप्रैल 2026 तक चलेगी. राज्य भर में बनाए गए 29 मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियों की जांच की जाएगी.जानकारी के अनुसार हाईस्कूल की 6 लाख 70 हजार 28 और इंटर की 5 लाख 14 हजार 787 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा. इसके लिए हाईस्कूल स्तर पर 1937 और इंटर स्तर पर 1725 शिक्षकों की तैनाती की गई है. मूल्यांकन कार्य सीसीटीवी निगरानी में कराया जाएगा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 50 प्रतिशत कॉपियों का पुनः परीक्षण भी किया जाएगा.

परीक्षा को नकल विहीन और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं बनाई गई थी. शिक्षा विभाग और बोर्ड प्रशासन द्वारा परीक्षा को नकल विहीन और सुव्यवस्थित बनाने के भी प्रयास किए गए थे. परीक्षा केंद्र नकल विहीन बनाने के लिए केंद्रों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू की गई थी.परीक्षा संपन्न होने तक प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों की निगरानी में जुटे रहे.

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