इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित, भाई और पिता ने पूरा किया कर्मकांड

हरिद्वार/दिल्ली, 27 मार्च। इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा का हरिद्वार में अस्थि विसर्जन कर दिया गया है. जिसके तहत पिता अशोक राणा, छोटे भाई आशीष राणा और अन्य परिजन अस्थियां लेकर हरिद्वार पहुंचे. जहां उन्होंने तमाम कर्मकांड के बाद गंगा में अस्थियां विसर्जित की.
बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज अंपायर सोसाइटी के रहने वाले हरीश राणा पिछले 13 सालों से बिस्तर पर परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट में थे. 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के पिता अशोक राणा की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया था, जिसमें उन्होंने इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की मांग की थी.
बीती 24 मार्च को हरीश राणा ने एम्स ऋषिकेश में अंतिम सांस ली थी. जिसके बाद 25 मार्च की सुबह दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया. वहीं, हरीश राणा की अस्थियां लेकर पिता अशोक राणा, छोटा भाई आशीष राणा और अन्य परिजन शमशान घाट से हरिद्वार के लिए रवाना हुए. आज यानी 26 मार्च को हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित की गई.
हरीश राणा के पड़ोसी ने बताया कि 26 मार्च की शाम चार बजे हरिद्वार में परिवार ने अस्थियां विसर्जित की. वहीं, हरीश के पिता अशोक राणा का कहना था कि ‘हमारे संघर्ष के दौरान सहयोग करने वाले सभी लोगों का हम धन्यवाद करते हैं. सुप्रीम कोर्ट, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता और एम्स के डॉक्टरों का भी हम आभार व्यक्त करते हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘ऐसे तमाम लोगों का हम आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने मुश्किल वक्त में हमारा साथ दिया. हम अपने पड़ोसियों को भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने हमारे घर आने वाले मेहमानों का हमारी अनुपस्थिति में ख्याल रखा, उन्हें भोजन करवाया.’
इसके अलावा हरीश राणा के पिता अशोक राणा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों को हमारे घर भेज कर उनका हाल-चाल पूछा और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई.’



