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देश में फिर लॉकडाउन जैसे हालात, क्या फिर लगने वाला है लॉकडाउन? सरकार ने दी सफाई

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नई दिल्ली, 27 मार्च। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज देश में लागू देशव्यापी लॉकडाउन की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि ये खबरें पूरी तरह से गलत और निराधार हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत सरकार के पास फिलहाल लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.

केंद्रीय मंत्री सोशल मीडिया ट्वीटर पर दी सफाई
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की. उन्होंने लिखा, “वैश्विक स्थिति फिलहाल अस्थिर है और हम ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला और आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी हर गतिविधि पर रीयल-टाइम नजर रख रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हम ईंधन, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण सामानों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”

अफवाहों का कारण और वर्तमान संकट
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की खबरें इसलिए तेज हो गई थीं क्योंकि पश्चिम एशिया (इजरायल-ईरान संघर्ष) में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की किल्लत देखी जा रही है. विशेष रूप से एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को लेकर सरकार ने ‘चिंताजनक’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसे आम जनता ने गलत संदर्भ में ले लिया.

इसके अलावा, हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में वैश्विक आर्थिक झटकों से निपटने के लिए “तैयारी” शब्द का जिक्र किया था. इसे कुछ लोगों ने 2020 के कोविड-19 लॉकडाउन की छठी वर्षगांठ से जोड़कर देखा और सोशल मीडिया पर यह भ्रम फैल गया कि सरकार फिर से पाबंदियां लगाने जा रही है.

सरकार बोली घबराएं नहीं
हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री द्वारा दी गई “तैयारी” की चेतावनी प्रशासनिक स्तर पर आकस्मिक योजना बनाने के लिए थी, न कि आम जनता की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए. उन्होंने कहा, “ऐसे समय में हमारा शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहना आवश्यक है. अफवाहें फैलाना और दहशत का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है.”

सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी देश की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है. नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) या आधिकारिक सरकारी चैनलों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें.

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