उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित हुए डा. जितेन ठाकुर

देहरादून, 30 मार्च। उत्तराखंड भाषा संस्थान की ओर से मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025 का आयोजन किया गया. आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान यानि उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया. इसके साथ ही सीएम ने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय और अताए साबिर अफजल मंगलौरी को उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार से सम्मानित किया.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तमाम विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों और युवा कलमकार प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया. मुख्यमंत्री ने साहित्य नारी वंदन सम्मान के तहत प्रो. दिवा भट्ट, उत्कृष्ट बाल साहित्य के लिए प्रो. दिनेश चमोला, उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के तहत डॉ भूपेंद्र बिष्ट, डॉ सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाई, उत्कृष्ट कुमाऊंनी व गढ़वाली साहित्य के लिए तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट और गजेंद्र नौटियाल को सम्मानित किया गया.
सीएम ने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं. उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह प्रदेश की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मक चेतना और साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है.
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रही है, जहां हिमालय, गंगा और प्राकृतिक सौंदर्य ने अनेक लेखकों और कवियों को प्रेरित किया है. सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत ‘शिवानी’, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है. साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं.



