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उत्तराखंड में आज से पियक्कड़ों को झटका, जाम छलकाना हो गया महंगा

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देहरादून, 31 मार्च। उत्तराखंड में बुधवार से शुरू हो रहे नये वित्तीय वर्ष से शराब के दाम भी बढ़ जाएंगे। हालांकि, इस बार शराब के दामों में मामूली वृद्धि की जा रही है। सरकार की नई आबकारी नीति 26-27 के अनुसार शराब के दामों में 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है।
मौजूदा वित्त वर्ष में आबकारी विभाग के लिए 5000 करोड़ का तारगेट
वहीं, इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले देर रात तक विभाग ने बीते वर्ष के मुकाबले 250 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली कर ली थी। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में करीब 700 शराब की दुकानों का संचालन किया जा रहा है। एक आध को छोड़कर सभी दुकानों का सफलतापूर्वक आवंटन और नवीनीकरण कर लिया गया है। मौजूदा तीन वर्षीय आबकारी नीति के तहत हर साल कीमतों में 5-10 प्रतिशत की नियमित वृद्धि तय की गयी है। राजज्य सरकार ने इस बार आबकारी विभाग के लिए 5000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व की प्राप्ति का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने के लिए दरों में संशोधन किया गया है।
अनुमानित नई दरें
आयुक्त के अनुसार नए वित्तीय वर्ष में शराब के दामों में वृद्धि होगी, लेकिन यह 10 से 20 रुपये के बीच रहेगी। देशी शराब प्रति पव्वे पर 10 से लेकर 40 रुपये तक की वृद्धि की गयी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार देशी शराब में किसी तरह की वृद्धि नहीं हो रही है। वृद्धि का प्रभाव मामूली रूप से अंग्रेजी शराब पर रहेगा। ब्रांड के अनुसार अंग्रेजी शराब की बोतल 40 रुपये से 100 रुपये तक महंगी हो सकती है। शराब की दरों का निर्धारण संबंधित कंपनियों की तरफ से भी किया जाता है। ऐसे में संभव है कि कुछ ब्रांड के दाम कम भी हो जाएं। बियर में भी कैटेगरी के हिसाब से बढ़ोतरी की गयी है।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार नए वित्तीय वर्ष के लिए करीब 5400 करोड़ का राजस्व लक्ष्य तय किया गया है। इसमें से 2600 करोड़ का लक्ष्य दुकानों के सेटलमेंट से हासिल कर लिया गया है। राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी जिलों को प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है।

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