
देहरादून, 8 अप्रैल। उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी खबर है. 11 अप्रैल को दोपहर 12:00 से केदारनाथ धाम हेली सेवा की टिकट बुक होना शुरू हो जाएगी. पहले चरण के तहत 22 अप्रैल से 15 जून तक के लिए हेली टिकटों की बुकिंग की जाएगी. ऐसे में यात्री जो हेली सेवाओं के जरिए बाबा केदारनाथ धाम के दर्शन करने जाना चाहते हैं, वो आईआरसीटीसी की ऑफिशल वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in के जरिए 11 अप्रैल से बुकिंग कर सकते हैं.
दरअसल, 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है. सबसे पहले 19 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे. उसके बाद 22 अप्रैल के केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. इसी के साथ 11 अप्रैल को केदारनाथ हेली सेवा के लिए टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो जाएगी.
हेली शटल सेवा का किराया निर्धारित
आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार केदारनाथ हेली शटल सेवा को पूरी तरह हाईटेक बनाने जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हेली सेवाओं में आधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर, पारदर्शी और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके. केदारनाथ धाम के लिए सिरसी Sirsi से एक तरफ का किराया 3043 तथा आने जाने का किराया 6086, फाटा से एक तरफ का 4840 तथा आने-जाने का 8842 तथा गुप्तकाशी से एक तरफ का किराया 6077 तथा आने जाने का 12444 किराया निर्धारित किया गया है।
8 हेलीपैड से संचालित होगी केदारनाथ हेली सेवा
इस साल हेली सेवाओं की निगरानी के लिए अत्याधुनिक सिस्टम तैयार किया गया है. यात्रा मार्ग के हेलीपैड पर तीन वेरी हाई फ्रीक्वेंसी सेटअप स्थापित किए गए हैं, जबकि तीन अतिरिक्त वीएचएफ सिस्टम बैकअप के रूप में रखे गए हैं. यात्रा के दौरान 8 हेलीपैड से संचालित होने वाली केदारनाथ हेली सेवा पर पैनी नजर रखने के लिए यूकाडा ने 18 पैन-टिल्ट-जूम कैमरे लगा रहा हैं, जिसमें से 12 कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि बाकी 6 कैमरे लगाए जाने की प्रक्रिया जारी है.
रियल-टाइम निगरानी रखी जाएगी
इन कैमरों के जरिए उड़ानों की गतिविधियों पर रियल-टाइम निगरानी रखी जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी. इसके अलावा सभी हेलीकॉप्टरों में लाइव ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य किए गए हैं. इससे किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर की लोकेशन तुरंत ट्रैक कर रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से अंजाम दिया जा सकेगा.
सहस्त्रधारा, केदारनाथ, बदरीनाथ, सीतापुर में वेदर आब्जर्विंग सिस्टम होगा स्थापित
मौसम की सटीक जानकारी के लिए सहस्त्रधारा, केदारनाथ, बदरीनाथ, सीतापुर, झाला और खरसाली में ऑटोमेटिक वेदर ऑब्जर्विंग सिस्टम और सेलोमीटर स्थापित किए जा रहे हैं. इनसे पायलट और कंट्रोल रूम को समय पर मौसम अपडेट प्राप्त होंगे, जिससे उड़ानों का संचालन सुरक्षित ढंग से किया जा सकेगा. चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ, बदरीनाथ, सहस्त्रधारा और सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल केंद्र संचालित रहेंगे. वर्तमान में सहस्त्रधारा और सिरसी में एटीसी सक्रिय हैं, जबकि केदारनाथ और बदरीनाथ में भी जल्द ही यह सुविधा शुरू हो जाएगी. एटीसी के माध्यम से मौसम, उड़ान समय, देरी या रद्दीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी तत्काल साझा की जाएगी, जिससे यात्रियों को पूर्व सूचना मिल सकेगी.
यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं की निगरानी अलर्ट मोड पर की जाएगी. डीजीसीए, भारत मौसम विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से लगातार निगरानी रखी जाएगी.



