
देहरादून, 8 अप्रैल। प्रदेश के हर ब्लॉक में पांच गांव आदर्श गांव बनेंगे। पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित कक्ष में विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके निर्देश दिए। मंत्री ने कहा, इन गांवों में ड्रेनेज और कूड़ा निस्तारण प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा। मंत्री के निर्देशों का फोकस गांवों को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर आदर्श और स्मार्ट बनाने पर है।
वहीं, पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 10 की जगह 20 लाख रुपये देने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। पंचायतीराज मंत्री ने कहा, प्रदेश में 7817 ग्राम पंचायतें हैं। लगभग दो हजार पंचायतों में भवन नहीं है। विभाग का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी 95 ब्लाकों में कम से कम एक या दो ऐसी ग्राम पंचायतें तैयार की जाएं, जो विकास के मानकों पर खरे उतरें। इन गांवों को अन्य पंचायतों केे लिए एक रोल माडल के रूप में पेश किया जायेगा।
प्रयास होगा कि सभी पंचायतों में पंचायत भवन बने। ग्राम पंचायत पंचायतीराज की सबसे छोटी इकाई है। इसका विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गांवों का निरीक्षण कर प्राथमिकता वाले कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा, पंचायतों को अपनी आय के स्रोत बढ़ाने होंगे। मदन कौशिक ने निर्देश दिये हैं इन आदर्श गांवों में पक्की सड़कें, जल निकासी और सोलर लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से पूर्ण होनी चाहिए।
हर साल केंद्र सरकार भी पंचायत भवन निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध करा रही है। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, पंचायत की मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जाए। बैठक में विशेष सचिव पंचायतीराज पराग मधुकर धकाते, निदेशक निधि यादव, अपर सचिव श्याम सिंह आदि मौजूद रहे।



