
उत्तरकाशी, 10 अप्रैल। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने को नौ दिन बाकी हैं. अभी भी मौसम खराब होने के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में निर्माण कार्य बाधित हैं. यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने इस पर चिंता जाहिर की. उन्होंने आगे मौसम साफ होने पर विभागों से तेजी के साथ कार्यों को पूरा करने की मांग की. तीर्थ पुरोहितों ने कहा यदि समय रहते धामों में कार्य पूरा नहीं किया गया तो आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का समाना करना पड़ेगा.
यमुनोत्री धाम में लगातार बर्फबारी से यात्रा की तैयारियों पर असर पड़ रहा है. बीते दिनों यमुनोत्री धाम में बर्फबारी होने के कारण धाम सहित पैदल मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य फिर से बाधित हो गए हैं. धाम में बर्फबारी के कारण वहां पर सिंचाई विभाग की ओर से चल रहे चेजिंग रूम, रसोई घर, अस्थायी पुलिया निर्माण आदि के कार्य बाधित हो गये हैं. यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी बर्फबारी के कारण सुधारीकरण केे काम नहीं हो पाए.यात्रा से पहले मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण यात्रा तैयारियों पर व्यापक असर पड़ा है.
उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय से भटवाड़ी के तीस किमी क्षेत्र में नेताला, लालढांग, बिशनपुर भूस्खलन जोन वर्षों से सक्रिय है. साथ ही नलूणा, भटवाड़ी, ओंगी के समीप गत वर्ष की आपदा के दौरान भूस्खलन जोन सक्रिय के साथ ही सड़क भी धंसने के साथ बह गई थी. बीते वर्ष आपदा के दौरान भटवाड़ी में घोडाला के समीप करीब 100 मीटर सड़क धंस गई थी. साथ ही उसके ऊपर से भी भूस्खलन हो रहा था. लेकिन धंसी हुई सड़क का अभी तक ट्रीटमेंट शुरू नहीं किया गया.
इन सभी स्थानों पर भूस्खलन सहित सड़क धंसने और बहने के कारण कई दिनों तक आवाजाही बंद रही थी. साथ ही अगस्त माह में धराली में आई आपदा के दौरान इन स्थानों पर आवाजाही बाधित होने के कारण प्रशासन और राहत बचाव की टीमें वहां पर तीन दिन के बाद पहुंच पाई थी.
चारधाम यात्रा की तैयारियां बारिश के कारण बाधित हो गई थी. मौसम साफ होते ही अब यात्रा से जुड़े सभी कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. साथ ही यात्रा से धामों सहित सड़कों पर कार्य पूरा किया जाएगा. जिससे धामों में आने वाले तीर्थ यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी



