हरकी पैड़ी पहुंची ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ पर गरमाया विवाद, गंगा सभा ने लगाए गंभीर आरोप

हरिद्वार, 12 अप्रैल। धर्मनगरी हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ के पहुंचने पर विवाद हो गया है. हरकी पैड़ी की व्यवस्था संभालने वाली संस्था गंगा सभा के अध्यक्ष और तीर्थ पुरोहित ने धर्म विशेष के नाम और टोपियां पहनकर हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पहुंचने पर आपत्ति जताई है. साथ ही हरिद्वार के एक संत राम विशाल दास पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है.
गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की उठ रही मांग

बता दें कि कुछ महीनों पहले ही गंगा सभा की ओर से हरकी पैड़ी पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने वाले बैनर भी लगाए गए थे, लेकिन इस बीच ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ निकल गई. जो हरकी पैड़ी तक पहुंच गई. जिससे विवाद गरमा गया है. इस पदयात्रा में संत राम विशाल दास महाराज समेत हिंदू संगठनों से जुड़े लोग और साधु संत भी शामिल हुए.
हरकी पैड़ी पहुंची ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’
यह पदयात्रा 11 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के बिजनौर के गंगा बैराज से शुरू हुई थी. जो हरकी पैड़ी पहुंची. इस यात्रा के हरकी पैड़ी पहुंचने पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पड़े. ताकि, तनाव की स्थिति पैदा न हो. यात्रा में पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आए, वैसे ही विरोध भी शुरू हो गया.
हरकी पैड़ी और सनातन को बदनाम करने की कोशिश: श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम का कहना है कि हरकी पैड़ी और सनातन को बदनाम करने की नीयत से ये करतूत की गई है. हरकी पैड़ी के नाम पर सस्ती लोकप्रियता हासिल नहीं करने दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी.
हमें बताया गया था कि यात्रा में केवल इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाने वाले हिंदू शामिल हैं, इसलिए हमने इस फैसले का स्वागत किया, लेकिन वीडियो में हरकी पैड़ी पर कई लोग इस्लाम धर्म से जुड़ी टोपी लगाए हुए दिखाई दे रहें हैं, जिससे हमें बेहद आघात लगा है.
– नितिन गौतम, अध्यक्ष, श्री गंगा सभा, हरिद्वार
गंगा सभा ने दोहराए बायलॉज
नितिन गौतम ने कहा कि हरकी पैड़ी क्षेत्र में बायलॉज के अनुसार, गैर हिंदू प्रवेश नहीं कर सकते. ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने राम विशाल दास महाराज को कांग्रेस नेता बताया और उन पर सनातन को कलंकित करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने ऐसे लोगों का बहिष्कार कर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी.
यह एक प्रोपेगेंडा रचा गया है. झूठ बोलकर एक संत ने प्रशासन और गंगा को भ्रमित किया. हरकी पैड़ी पर पहुंचे कई लोगों ने धर्म विशेष से जुड़ी टोपी लगाए हुई थी और अपना नाम भी उसी धर्म के अनुसार ही बताया. ऐसे ‘कालनेमि’ संत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. ऐसे संतों का बहिष्कार किया जाएगा.
– उज्जवल पंडित, तीर्थ पुरोहित
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से हरिद्वार पहुंची थी पदयात्रा: यह पदयात्रा उत्तर प्रदेश के बिजनौर से शुरू की गई थी. एक दिन पहले हरिद्वार के श्यामपुर में रात्रि विश्राम किया और फिर रविवार को यह पदयात्रा हरकी पैड़ी पहुंची. यात्रा में शामिल लोगों ने दावा किया कि दर्जनों लोगों ने इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है. वो हरकी पैड़ी पर पूजा अर्चना करना चाहते हैं.
जिन लोगों ने इस्लाम छोड़ा है, उन पर खतरा है. ऐसे में हम लोग हिंदुत्व अपनाकर घर वापसी कर रहे हैं. यात्रा का उद्देश्य है कि सनातन धर्म में आने के बाद उन पर किसी भी तरह की आंच न आए और न ही उन्हें प्रताड़ित किया जाए.
-इमरोज आलम, एक्स मुस्लिम



