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छह बार पुलिस नेशनल में गोल्ड से सम्मानित दारोगा मुकेश शर्मा को उत्तराखंड द्रोणाचार्य पुरस्कार

विकासनगर, 26 अगस्त, 26. उत्तराखंड खेल विभाग द्वारा 2026 के राज्य खेल पुरस्कारों की घोषणा के तहत उत्तराखंड पुलिस में दारोगा (उप निरीक्षक) मुकेश शर्मा का कयाकिंग और कैनोइंग के क्षेत्र में देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। वे वर्तमान में पीटीसी नरेंद्र नगर में कोच के पद पर कार्यरत हैं।

मूल रूप से जौनसार बावर की खत अठगांव के टिपौऊ व हाल निवासी बद्रपुर उपनिरीक्षक मुकेश शर्मा वर्तमान में पीटीसी नरेंद्र नगर में कोच के रूप में तैनात हैं। कयाकिंग और कैनोइंग के क्षेत्र में इन्होंने कई पुरस्कार अपने नाम किए। वह एक राष्ट्रीय मेडलिस्ट हैं और छह बार भारतीय पुलिस गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

ओलंपिक तकनीकी अधिकारी के रूप में कार्यरत
इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय कैनो महासंघ के साथ ओलंपिक तकनीकी अधिकारी (आइटीओ) के रूप में कार्यरत हैं। उत्तराखंड सरकार के साथ जल क्रीड़ा के क्षेत्र में मुख्य सलाहकार और नोडल अधिकारी के रूप में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्तमान में वह पूरे भारत के शीर्ष एथलीट को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रहे हैं।भारतीय कयाकिंग और कैनोइंग संघ के एथलीट के मुख्य चयनकर्ता भी हैं मुकेश शर्मा
इसके साथ ही मुकेश शर्मा भारतीय कयाकिंग और कैनोइंग संघ के एथलीट के मुख्य चयनकर्ता भी हैं। दारोगा शर्मा को अखिल भारतीय विश्वविद्यालयों की ओर से विकास के क्षेत्र में मानद उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। दारोगा मुकेश शर्मा ने बताया कि स्कूल जीवन में उनमें खेल के प्रति रूचि बढ़ी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जीवनगढ़ के प्राइमरी स्कूल में हुई। हाईस्कूल उन्होंने आश्रम पद्धति विद्यालय हरिपुर कालसी से की और इंटर आशाराम वैदिक इंटर कालेज विकासनगर से किया।

वह 2002 में उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए और वर्ष 2018 में उप निरीक्षक पद पर प्रमोशन हुआ। उनके पास खेल प्रशासन और विकास में व्यापक अनुभव है, जिसमें नीति निर्माण, जमीनी स्तर के प्रशिक्षण और विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी शामिल है। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें कयाकिंग और कैनोइंग के क्षेत्र में एक प्रेरणास्त्रोत बना दिया है और वे युवा एथलीटों के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

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