उत्तराखंडसामाजिकस्वास्थ्य

एम्स ऋषिकेश प्रशासन अब मरीजों के तीमारदारों से वसूलेगा पार्किंग शुल्क, टेंडर प्रक्रिया पूरी

ऋषिकेश, 24 अक्टूबर, 26. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अब वाहन पार्किंग के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी. एम्स प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था के लिए बाकायदा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदार नियुक्त कर दिया है. इसके बाद अब अस्पताल परिसर में वाहन खड़ा करने पर शुल्क वसूले जाने की व्यवस्था लागू होने जा रही है. निर्धारित शुल्क के अनुसार, दोपहिया वाहन खड़ा करने पर 20 रुपये और चारपहिया वाहन के लिए 40 रुपये देने होंगे.

पार्किंग शुल्क लागू होने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इस फैसले को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उपचार के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना कितना उचित है? खासकर उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का कारण बन सकती है, जो पहले से ही बीमारी, दवाइयां, जांच और अस्पताल तक आने-जाने के खर्च से जूझ रहे हैं.

तीमारदारों में भारी नाराजगी
अस्पताल में आने वाले कई मरीजों को चिकित्सक से परामर्श लेने, जांच कराने या रिपोर्ट दिखाने के लिए घंटों रुकना पड़ सकता है. दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के साथ अक्सर उनके परिजन भी होते हैं. ऐसे में पार्किंग शुल्क की व्यवस्था उनके कुल खर्च को और बढ़ा सकती है. स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचता है, तो क्या उससे पार्किंग शुल्क वसूलने से पहले उसकी आर्थिक स्थिति और मजबूरी को ध्यान में नहीं रखा जाना चाहिए? क्या मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने वाले परिजनों को राहत देने के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं हो सकती?

सरकारी अस्पताल में इलाज के साथ पार्किंग का खर्च भी जरूरी?
एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बड़ी उम्मीद होते हैं. ऐसे में पार्किंग शुल्क की नई व्यवस्था ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और मरीजों पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च को लेकर बहस छेड़ दी है.

व्यापार मंडल ने भी जताई नाराजगी
एम्स में पार्किंग शुल्क वसूले जाने के फैसले को लेकर ऋषिकेश के व्यापार मंडल ने भी नाराजगी जताई है. व्यापार मंडल की ओर से इस व्यवस्था पर आपत्ति दर्ज कराते हुए सवाल उठाए गए हैं. इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी हो रही है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों डाला जा रहा है.

दोपहिया से 20 तथा चार पहिया वाहनों से 40 रुपये वसूला जायेगा शुल्क
व्यापार मंडल की नाराजगी के बीच यह मांग उठ रही है कि एम्स प्रशासन को पार्किंग शुल्क लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए. जनहित को ध्यान में रखते हुए कोई वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी चाहिए. ऋषिकेश एम्स के जनसंपर्क अधिकारी श्रीलॉय मोहंती ने बताया एम्स में आने वाले लोगों को पार्किंग शुल्क देना होगा. इसके लिए एवं प्रशासन ने टेंडर कर दिया है. दोपहिया वाहनों से 20 रुपये और चार पहिया वाहनों से 40 रुपये पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा.

Related Articles

Back to top button