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दुष्कर्मी पूर्व फौजी को 20 साल का कठोर कारावास, साथ में 50 हजार जुर्माना भी लगा

देहरादून। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी पूर्व फौजी को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 45 हजार रुपये पीड़ित को देने के निर्देश जारी किए हैं। जुर्माना न चुकाने पर छह महीने और जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी। मुकदमे में फौजी की मां भी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की आरोपी थी।

शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार के जनवरी 2019 में एक नाबालिग ने कैंट विकासनगर कोतवाली में तहरीर दी थी कि वह अपनी दीदी के घर कैंट क्षेत्र में आई हुई थी। यहां उसकी मुलाकात उद्यान मार्ग विकासनगर निवासी सेना के जवान संदीप बीसी से हुई थी। संदीप भी यहां अपनी बहन के घर आता रहता था। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। और फिर दोनों का सैर-सपाटा शुरू हो गया।

पंडित बुला कर रचा शादी का ढोंग
एक दिन फौजी उसे घुमाने के लिए मसूरी ले गया और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी फौजी आए दिन नाबालिग से दुष्कर्म करने लगा। फौजी ने शादी करने का एक शपथपत्र बनाया और नाबालिग के आधार कार्ड को अपने कब्जे में रखकर उसका नकली आधार कार्ड बनाया और उसे बालिग दिखा दिया। इसके बाद फौजी ने किशन नगर में किराए पर कमरा लिया और नाबालिग को कुछ समय अपने साथ रखा। https://sarthakpahal.com/

गर्भपात करने के लिए खिलाई दवा
इसी बीच नाबालिग पांच महीने की गर्भवती हो गई। जब यह बात फौजी की मां मीरा देवी को पता चली तो उसने किशोरी को दवाई खिला दी, लेकिन दवाई से भी गर्भपात नहीं हुआ। तभी किशोरी को पता चला कि फौजी शादीशुदा है तो उसने थाने में शिकायत कर दी।

कोर्ट ने सनाई 20 साल की कैद
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए दोषी संदीप को 20 साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया, जबकि उसकी मां को छोड़ दिया गया।

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