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चोर दरवाजे से हुई भर्तियों में सियासत गर्मायी, कुंजवाल, प्रेमचंद का फंसना तय

देहरादून। चोर दरवाजे से हुई भर्तियों में काफी हो-हल्ला के बाद आखिरकार सीएम के निर्देश पर विधानसभा अध्यक्ष ने दोषियों को सजा दिलाने के लिए जांच समिति का गठन किया है, जो 2012 से लेकर 2022 तक विधानसभा में हुई भर्तियों की जांच करेगी।

तीन सदस्यीय कमेटी गठित
विधानसभा में बैक डोर भर्तियों में सियासत गर्माने के बाद निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेषज्ञों की कमेटी का गठन किया गया है। समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी डीके कोटिया को अध्यक्ष, पूर्व कार्मिक सचिव सुरेंद्र सिंह रावत और पूर्व आईएएस अवनींद्र सिंह नयाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। ये तीन सदस्यीय समिति से एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। ये जानकारी विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए दी।

विधानसभा सचिव का कमरा सील
विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल को जांच तक लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया, लेकिन उन्हें जांच समिति को सहयोग करने को कहा गया है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि चोर दरवाजे से हुई भर्तियों को लेकर विधानसभा की गरिमा पर आंच आई है। उन्होंने सही जांच का भरोषा दिलाया। विस अध्यक्ष ने विधानसभा सचिव का कमरा सील कर दिया है।

कुंजवाल और प्रेमचंद का फंसना तय
विस अध्यक्ष ने कहा कि बैकडोर नियुक्तियों की जांच दो चरणों में होगी। ऋतु खंडूड़ी ने बताया कि पहले चरण में 2012 से अब तक हुई नियुक्तियों और पदोन्नतियों को रखा गया है। दूसरे चरण में यदि जरूरत पड़ी तो 2011 तक की जांच कराई जायेगी। कुल मिलाकर गोविंद सिंह कुंजवाल (स्पीकर 2012 से 2017) के कार्यकार की 158 नियुक्तियां और प्रेमचंद अग्रवाल (स्पीकर 2017-2022) के कार्यकाल में हुई 72 नियुक्तियों की जांच होगी। https://sarthakpahal.com/

‘उत्तराखंड विधानसभा प्रदेश का सर्वोच्च सदन है। इसकी गरिमा को बनाये रखना मेरा दायित्व ही नहीं कर्तव्य भी है। एक बात मैं स्पष्ट रूप से प्रदेशवासियों को खासकर उत्तराखंड के युवाओं को कहना चाहूंगी कि वह आश्वास्त रहें, मैं किसी को भी निराश नहीं करूंगी, सबके साथ न्याय होगा। मेरे सार्वजनिक जीवन की शुरुआत पीएम मोदी के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर हुई। मुझे याद है उन्होंने कहा था ‘न खाऊंगा और न खाने दूगा’, इसी उद्देश्य को मैंने भी अपने जीवन में उतारा है।
ऋतु खंडूड़ी, अध्यक्ष विधानसभा उत्तराखंड

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