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उत्तरकाशी मस्जिद विवाद, एक दिसंबर को महापंचायत कराने की जिद पर अड़ा VHP

उत्तरकाशी, 9 नवम्बर। आगामी एक दिसंबर को मस्जिद विवाद को लेकर उत्तरकाशी के रामलीला मैदान में महापंचायत का ऐलान किया गया है. इसकी जानकारी विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संयोजक अनुज वालिया दी है. उनका आरोप है कि उत्तरकाशी में जिसे मस्जिद बताया जा रहा है, उस मकान के कागज अवैध बनाए गए हैं. जो खुद में विरोधाभास पैदा कर रहा है. जिसे लेकर महापंचायत बुलाई गई है.

विहिप नेता अनुज वालिया का आरोप
उत्तरकाशी के लोनिवि गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संयोजक अनुज वालिया ने कहा कि लगातार सूचनाएं मिल रही थी कि धार्मिक स्थल में अवैध गतिविधियां हो रही है. उन्होंने दावा किया कि यह धार्मिक स्थल अवैध है. साथ ही आरोप लगाया कि यह स्थल धर्मांतरण का भी सेंटर बना हुआ है. देवभूमि रक्षा मंच के जरिए इसकी जांच की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा.

1 दिसंबर को उत्तरकाशी रामलीला मैदान में महापंचायत का ऐलान
इसके तहत आगामी 25 नवंबर को तहसील स्तर पर प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा. फिर आगामी एक दिसंबर को रामलीला मैदान में महापंचायत की जाएगी. जिसमें विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत अन्य हिंदू संगठनों के लोग शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, उत्तरकाशी और हमारी संस्कृति को बचाने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए.

24 अक्टूबर को हुआ था बवाल
बता दें कि बीती 24 अक्टूबर को उत्तरकाशी में मस्जिद विवाद को लेकर बवाल मचा था. संयुक्त सनातन धर्म रक्षक दल की ओर से मस्जिद के खिलाफ जनाक्रोश रैली निकाली गई थी. जिसके बाद पुलिस ने मस्जिद की ओर जाने वाली रोड पर बैरिकेडिंग लगा दिया था. जिससे गुस्साए प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों से भिड़ गए. इस दौरान करीब ढाई घंटे तक नगर में गतिरोध की स्थिति बनी रही.

इस बीच भीड़ में से किसी ने पुलिसकर्मियों पर बोतल फेंक दी. जो सीधे जाकर एक पुलिसकर्मी के सिर पर लगी. जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया. पथराव और लाठीचार्ज में प्रदर्शनकारी व पुलिसकर्मी समेत 27 लोग घायल हुए. इस घटना के बाद अभी तक नगर में तनाव का माहौल बना हुआ है.

वहीं, इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए धारा 163 लागू की. जिसके बाद पुलिस ने 208 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराएं लगाई. जिसमें तीन लोगों को जेल भेज दिया गया. वहीं, अब शासन ने मामले में उत्तरकाशी जिले के अपर जिलाधिकारी और डिप्टी एसपी को हटाने के आदेश जारी किए हैं.

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