पत्नी ने देवर संग मिलकर पति को मार डाला, चैट से खुला साजिश-प्रेम प्रसंग का राज

नई दिल्ली, 19 जुलाई। दिल्ली के द्वारका से एक खौफनाक मामला सामने आया है. यहां एक शादीशुदा महिला ने अपने देवर के साथ मिलकर अपने पति की निर्मम हत्या कर दी. पुलिस ने भाभी और देवर के बीच के चैट्स को बरामद कर लिया है. इन चैट्स से रिश्तों की काली साजिश का सच सामने आ गया.
क्या है पूरा मामला?
दक्षिण-पूर्व द्वारका में 35 साल के करण देव की हत्या उसकी पत्नी सुष्मिता देवी और भाई राहुल देव ने कर दी. 13 जुलाई को करन संदिग्ध हालात में मृत पाए गए थे. जिसके बाद पुलिस को शक गहराया और कई एंगल से जांच शुरू कर दी.
मर्डर का मामला तब और गहराया जब सुष्मिता ने करन के परिवार को सूचना दी थी कि उसे करंट लग गया है और बेहोश हो गया. करण को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सुष्मिता, राहुल और उसके पिता ने पोस्टमॉर्टम का विरोध किया, जिससे परिवार को शक हुआ और उन्होंने पुलिस से जांच की मांग की.
मोबाइल चैट्स से खुला मर्डर का राज
करण के छोटे भाई कुनाल को भाभी (सुष्मिता) के मोबाइल में ऐसे चैट्स मिले जिसे देख वो चौंक गया. इन चैट्स ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया. इन चैट में राहुल और सुष्मिता हत्या की प्लानिंग कर रहे थे. चैट में राहुल सुष्मिता को करण को ज्यादा दवा देने और इलेक्ट्रिक शॉक देने की सलाह देता है.
क्या-क्या चैट हुई थी?
सुष्मिता: देखो दवा खाकर मरने में कितना टाइम लगता है. तीन घंटे हो गए, न उल्टी हो रही है, न पॉटी, कुछ नहीं. मरा भी नहीं है.
राहुल: अगर कुछ और समझ नहीं आ रहा, तो करंट दे दो.
सुष्मिता: कैसे बांधूं उसे करंट देने के लिए?
राहुल: टेप से बांधो.
सुष्मिता: सांस बहुत धीरे चल रही है.
राहुल: जितनी दवा है सब दे दो.
सुष्मिता: मुंह नहीं खुल रहा, पानी डाल सकती हूँ, पर दवा नहीं दे पा रही. तुम आ जाओ, मिलकर कोशिश करते हैं.
पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इन चैट्स के सामने आने के बाद सुष्मिता और करण को गिरफ्तार कर लिया है. उनसे पूछताछ की जा रही है और साथ में ही और सबूत जुटाए जा रहे हैं.
दोनों का छह साल का बेटा
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान ओम विहार निवासी सुष्मिता देव और राहुल देव के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक करण अपनी पत्नी सुष्मिता देव और 6 साल के बेटे के साथ ओम विहार फेस-1 स्थित में रहते थे। वह निजी कंपनी में काम करते थे। उसके घर के पास ही करण के पिता कृष्ण देव, मां नीरू देव और छोटा भाई कुणाल अपने पुराने वाले घर में रहते हैं।
पत्नी कर रही थी पोस्टमार्टम के लिए मना
बहन के मुताबिक उसके मुंह से झाग निकल रहा था। अस्पताल से घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। अस्पताल पहुंची उत्तम नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बहन ने बताया कि सुष्मिता, करण का चचेरा भाई राहुल देव और राहुल के पिता हरीश देव लगातार पोस्टमार्टम करवाने से मना कर रहे थे। लेकिन संदिग्ध मौत होने की वजह से पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया।
दो साल से चल रहा था अफेयर
पुलिस ने तुरंत मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने क्राइम और फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया। जहां से टीम ने साक्ष्य हासिल किया। उसके बाद पुलिस ने सुष्मिता और राहुल को हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारी के मुताबिक सुष्मिता और राहुल का दो साल से अफेयर चल रहा था। दोनों ने मिलकर करण की हत्या इसलिए की ताकि वे साथ रह सकें और करण की संपत्ति पर कब्जा कर सकें। उत्तम नगर थाना पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की तफ्तीश कर रही है।