
देहरादून, 28 नवम्बर। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक केस में आज शुक्रवार 28 नवंबर को सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने बड़ी कार्रवाई की है. सीबीआई ने मुख्य आरोपी खालिद के लिए पेपर हल करने वाली पहली आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा सीबीआई ने दो और व्यक्तियों को हिरासत में लिया है. दोनों भाई-बहन है.
जानकारी के अनुसार इस मामले में बीते दिनों ही एफआईआर दर्ज की गई थी. साथ ही बेरोजगार संघ द्वारा काफी दिनों तक प्रदर्शन के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई को यूकेएसएसएससी के पेपर लीक मामले जांच सौंपी थी.
जानिए पूरा मामला
21 सितंबर को प्रदेश भर में यूकेएसएसएससी का एग्जाम कराया गया था. पेपर शुरू होने के कुछ देर बाद ही यूकेएसएसएससी एग्जाम की कुछ पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हुए. बाद में मामले की जांच की गई तो पता चला कि ये पेपर सेंटर आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादुरपुर जट हरिद्वार सेंटर लीक हुए थे. इसके बाद पूरे प्रदेश में हंगामा हुआ.
जानिए कैसे खुला राज
आरोप है कि एग्जाम सेंटर आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादुरपुर जट के 18 कमरों (कमरा नंबर 9, 17 और 18) में जैमर नहीं लगे हुए थे. इसी एक कमरे में आरोपी खालिद बैठा हुआ था, जो अभ्यर्थी भी था. खालिद पेपर शुरू होने के कुछ देर बाद ही इंविजिलेटर से अनुमति लेकर बाहर एग्जाम कक्ष से बाहर आया.
आरोप है कि खालिद ने वॉशरूम में जाकर पेपर के कुछ शॉट क्लिक कर तीन पेज अपनी बहन साबिया को भेजे. साबिया ने उन पेपरों को असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को भेजा. खालिद ने साबिया को पहले सब कुछ बता रखा था. साबिया ने परीक्षा के बारे में सब कुछ जानते हुए भी पेपर के फोटो को प्रोफेसर सुमन के पास भेजा और प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए.
आरोप है कि सुमन ने इस मामले की जानकारी पुलिस को न देकर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार को दी थी. बॉबी पंवार ने ये खबर वायरल की, जिसके बाद पूरे प्रदेश में हंगामा मच गया. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए प्रोफेसर सुमन से पूछताछ की थी.
उसके बाद पुलिस ने साबिया को गिरफ्तार किया. साबिया ने अपने भाई खालिद के बारे में बताया. मामला सामने आने के बाद खालिद फरार हो गया था. बाद में पुलिस ने खालिद को भी गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में आज पुलिस ने प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार किया है.



