
देहादून, 5 जून। देहरादून के थानो क्षेत्र में जामा मज्सिद औ मदरसे के हिस्सों को सील किये जाने के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन द्वारा प्रदर्शन और कलेक्ट्रेट (डीएम कार्यालय) कूच करने का मामला सामने आया है। मुस्लिम सेवा संगठन का आरोप है कि मस्जिद के सभी कागजात होने के बाद भी मस्जिद सील की गई। इसे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
भूतल और उसके बाद प्रथम तल को किया गया सील
मस्जिद के प्रथम तल को एमडीडीए द्वारा 17 दिसंबर को सील कर दिया गया था। जबकि भूतल को कुछ दिन पहले को सील किया गया। काली सेना, बजरंग दल और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मस्जिद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड और मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नहीं थी, जिसकी संबंधित विभागों द्वारा जांच भी की गई थी। जिसके बाद पहले भूतल और उसके बाद प्रथम तल को सील किया गया। काली सेना के प्रदेश प्रमुख भूपेश जोशी ने कहा कि उनकी मांग है कि जल्द ही मस्जिद का ध्वस्तीकरण किया जाए।
मुस्लिम सेवा संगठन का आरोप
जबकि मुस्लिम सेवा संगठन का आरोप है कि MDDA के नोटिस में केवल 20 गुणा 40 फीट के एरिया को सील करने की बात कही गयी थी, लेकिन प्राधिकरण ने पूरे मस्जिद परिसर को ही सील कर दिया। संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी के अनुसार मस्जिद परिसर में इमाम के रहने के लिए एक कमरे का निर्माण अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की धनराशि से पेयजल विभाग द्वारा कराया गया था। यदि निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृतियां नहीं ली गयी थीं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की है, न कि मस्जिद प्रबंधन की। उनका कहना है कि जामा मस्जिद 1979 से अस्तित्व में है और 1988 से पहले इसे सरकारी मान्यता प्राप्त है।
संगठन की मांगें
इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। मस्जिद की सीलिंग को तुरंत हटाकर बातचीत के माध्यम से न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाये। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि बातचीत से हल नहीं निकला तो वे इस मामले को लेकर सड़क से लेकर न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। जबकि कुछ दक्षिणपंथी संगठनों का आरोप था कि यह परिसर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड या मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नही था, जिसके चलते उन्होंने इस पर कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि मुस्लिम सेवा संगठन इसे पूरी तरह खारिज करते हुए अपने पुराने दस्तावेजों का हवाला दे रहा है।
काली सेना, बजरंग दल और स्थानीय लोगों की ओर से थानो चौक पर किया था हवन
थानो क्षेत्र के ग्राम कण्डोगल, कुडियाल गांव में स्थित जामा मस्जिद व मदरसा के भूतल को मस्जिद पक्ष के भारी विरोध के बीच पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में एमडीडीए की ओर से सील कर दिया गया था। कार्रवाई के बाद काली सेना, बजरंग दल और स्थानीय लोगों की ओर से थानो चौक पर हवन किया गया।
थानो में मस्जिद की शिकायत स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन और एमडीडीए से की गई थी। इसके लिए काली सेना, बजरंग दल के सदस्य लगातार पुलिस-प्रशासन और एमडीडीए पर दबाव बना रहे थे। इन संगठनों से जुड़े लोग मस्जिद पर कार्रवाई की मांग को लेकर थानो में कई बाद धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।



