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घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा हुआ, कमर्शियल सिलेंडर भी 115 रुपये महंगा

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नई दिल्ली, 6 मार्च। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत शनिवार, 7 मार्च से बढ़ा दी गई है, जिससे देश भर में 14.2 kg वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ गई है. तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया यानि खाड़ी देशों में चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए फिलहाल कीमतों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गयी है, उन्हें पहले के ही तरह सब्सिडी मिलती रहेगी।

बढ़ी हुई कीमत आज 7 मार्च से लागू
इसी तरह 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत भी आज से 115 रुपये बढ़ा दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कमर्शियल प्रतिष्ठानों जैसे बिजनेस पर असर पड़ा है. दिल्ली में 14.2 kg वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है. मुंबई में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नया रेट अब 912.50 रुपये हो गया है जो पहले 852.50 रुपये था.

कोलकाता में कीमत 879 रुपये से बढ़कर 930 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है. बदले हुए रेट आज से लागू होंगे. यह बढ़ोतरी बिजनेस में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर भी लागू होगी. दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गई है. मुंबई में कीमत 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये हो गई है. इसी तरह, कोलकाता में कीमत 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गई है.

इससे पहले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अप्रैल 2025 से ही स्थिर रही जब दिल्ली में बिना सब्सिडी वाला रेट 853 रुपये था. नवीनतम संशोधन घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उन कमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है जो दैनिक कार्यों के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं.

यह बढ़ोतरी भारत की एनर्जी सप्लाई और फ्यूल की उपलब्धता पर चर्चा के बीच हुई है. केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले भरोसा दिलाया था कि देश में एनर्जी की कोई कमी नहीं है. कंज्यूमर्स को सप्लाई में रुकावट की चिंता करने की जरूरत नहीं है.

मंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए सस्ता और टिकाऊ फ्यूल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे आराम से कर रहे हैं. भारत में एनर्जी की कोई कमी नहीं है, और हमारे एनर्जी कंज्यूमर्स के लिए चिंता की कोई बात नहीं है.’ इस बीच इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें देश में पेट्रोल और डीज़ल की कमी का सुझाव दिया गया था और उन्हें बेबुनियाद बताया. भारत के पास फ्यूल का काफी स्टॉक है और सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहे हैं.’

इंडियन ऑयल की अपील
इंडियन ऑयल पूरे देश में बिना रुकावट फ्यूल सप्लाई बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. कंपनी ने एक्स पर एक बयान में कहा, ‘लोगों से रिक्वेस्ट है कि वे घबराएं नहीं या फ्यूल स्टेशनों पर भीड़ न लगाएं और सही जानकारी के लिए सिर्फ ऑफिशियल सोर्स पर ही भरोसा करें.’

शुक्रवार को इससे पहले सरकारी सोर्स ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट से रुकावटों की चिंताओं के बावजूद भारत क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट और एलपीजी सप्लाई को लेकर बहुत सामान्य स्थिति है. सोर्स के मुताबिक देश के पास अभी अलग-अलग सोर्स से ज्यादा एनर्जी सप्लाई है, जो होर्मुज स्ट्रेट से प्रभावित होने वाली मात्रा से कहीं ज्यादा है. भारत का क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का मौजूदा स्टॉक भी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काफी है.

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार सरकार हालात पर करीब से नजर रख रही है और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी किसी भी संभावित सप्लाई की रुकावट को दूर करने के लिए दूसरे इलाकों से सप्लाई बढ़ाने की योजना बना रही है. उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले कुछ सालों में अपने क्रूड इंपोर्ट बास्केट में काफी विविधता लाई है.

2022 से भारत रूस से कच्चा तेल इंपोर्ट कर रहा है जबकि 2022 में भारत के कुल क्रूड इंपोर्ट में रूस का हिस्सा सिर्फ़ 0.2 प्रतिशत था, अगले सालों में यह हिस्सा काफी बढ़ गया. सरकारी सूत्रों ने कहा, ‘फरवरी में भारत ने रूस से अपने कुल क्रूड तेल इंपोर्ट का लगभग 20 प्रतिशत इंपोर्ट किया जो लगभग 1.04 मिलियन बैरल प्रति दिन है.’

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