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टिहरी लेक फेस्टिवल में पांडवाज बैंड, ढोल दमाऊ और हुड़का की जुगलबंदी पर झूमे लोग

नई टिहरी, 7 मार्च। टिहरी लेक फेस्टिवल की पहली सांस्कृतिक संध्या उत्तराखंड के मशहूर पांडवाज बैंड के नाम रही। स्थानीय लोगों ने जमकर इस बैंड के कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ उठाया। वहीं माधो सिंह भंडारी भाव नाटिका भी शानदार मंचन किया गया।
ढोल दमाऊ और हुड़का की जुगलबंदी आकर्षक रही
इशान डोभाल के निर्देशन में पांडवाज बैंड के कलाकारों ने पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ आकर्षक व शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बैंड ने अपने लोकप्रिय पहाड़ी गीतों- मैं कनी लगदी बडूली, कांधी मे धरली राधा, धुंयाल, मांगल, फूल संग्रांद आदि की प्रस्तुति पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया। वहीं खुले आकाश के नीचे आकर्षक लेजर शो का भी आयोजन किया गया। स्थानीय लोक वाद्यों ढोल दमाऊ और हुड़का की आधुनिक धुनों के साथ जुगलबंदी ने वहां मौजूद हजारों लोग झूम उठे।
लेजर शो ने बनाया जादुई माहौल
लेजर शो के माध्यम से पुराने टिहरी के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसने टिहरी झील के किनारे एक जादुई माहौल बना दिया। वहीं नई टिहरी नगर, प्रमुख मंदिरों व प्रसिद्ध चंद्रबदनी मंदिर से जुड़ी धार्मिक और ऐतिहासिक जानकारी को भी प्रकाश और ध्वनि के मनमोहक संयोजन के साथ प्रदर्शित किया गया। जबकि फैशन शो में मिस, मिस्टर के प्रतिभागियों ने अपना जलवा बिखेरा। प्रतियोगिता में मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय आरती शाह, कथक नृत्यांगना, अभिनेत्री और क्रिएटिव डायरेक्टर अनुराग जोशी ने जज की भूमिका निभाई। इस मौके पर विधायक किशोर उपाध्याय, डीएम नितिका खंडेलवाल, सीडीओ वरुणा अग्रवाल मौजूद रहे।
माधो सिंह भंडारी नाट्य मंचन
पांडवाज की संगीत संधया के साथ-साथ प्रसिद्ध गढ़वाली सेनापति वीर भद्र माधो सिंह भंडारी की ऐतिहासिक शौर्य गाथा पर आधारित एक विशेष नाटक का मंचन भी किया गया। इसमें पांडवाज के संगीत ने दृश्यों को और भी जीवंत बना दिया।



