NCERT ने कक्षा 9 की अंग्रेजी की किताब बदली, अब एक ही किताब से होगी पढ़ाई

नई दिल्ली, 12 मार्च। अब कक्षा 9 में पढ़ाई के लिए अंग्रेजी की पुरानी किताब नहीं चलेगी। एनसीईआरटी NCERT ने इंग्लिश की किताबों की संख्या 2 से 1 कर दी है। चैप्टर की संख्या भी कम की गयी है। काउंसिल द्वारा जारी नई किताब से पढ़ाई होगी, जिसमें भारतीय लेखकों और इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) के एलिमेंट्स पर ज्यादा जोर दिया गया है।
अब एक ही किताब से होगी पढ़ाई
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 9वीं क्लास के लिए अंग्रेजी की नई बुक जारी कर दी है। पहले कक्षा 9 के इंग्लिश सिलेबस में 2 किताबें होती थीं और 29 चैप्टर्स पढ़ाए जाते थे लेकिन अब अब केवल एक किताब कावेरी (Kaveri) होगी, जिसमें कुल कुल 16 चैप्टर्स शामिल किए गए हैं। इस किताब में पाठ्यक्रम को पहले की तुलना में और संतुलित बनाया गया है।
भारतीय और विदेशी लेखकों को बराबर जगह
इस नई किताब में भारतीय लेखकों और उनकी रचनाओं पर अधिक जोर दिया गया है, साथ ही भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) के तत्वों को भी शामिल किया गया है। पुराने सिलेबस में अंतरराष्ट्रीय लेखकों की रचनाएं अधिक थीं, लेकिन कावेरी में भारतीय और विदेशी लेखकों का संतुलन रखा गया है।
कावेरी में 16 टेक्स्ट हैं। इसमें से 8 भारतीय लेखकों के, जिनमें तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती, राज्यसभा MP और लेखिका सुधा मूर्ति, नागा लेखिका तेमसुला एओ, असमिया नॉवेलिस्ट मित्रा फुकन और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर शामिल हैं।
खिलाड़ी दीपा मलिक पर भी चैप्टर
एनसीईआरटी की इस नई किताब की शुरुआत मूर्ति के 2004 के कलेक्शन ‘हाउ आई टॉट माई ग्रैंडमदर टू रीड एंड अदर स्टोरीज’ की एक कहानी से होती है। इसमें मोटिवेशनल मटीरियल को भी शामिल किया गया है। इसमें ‘The World of Limitless Possibilities’ नाम से एक इंटरव्यू आधारित चैप्टर है, जिसमें भारत की प्रसिद्ध पैरालंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक की कहानी और उपलब्धियों को बताया गया है।
क्या है बदलाव का उद्देश्य?
नई किताब तैयार करने का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान और साहित्य की परंपरा को बढ़ावा देना शामिल है। साथ ही, यह तय किया गया है कि छात्रों को भारतीय और अन्य देशों के लेखकों के बारे में अनुभव मिले। किताब को सरल और कम बोझ वाला बनाना भी एक लक्ष्य है, ताकि पढ़ाई अधिक समझने योग्य हो। इसके अलावा छात्रों को प्रेरक और साहित्य से परिचित कराना है, जिससे उनकी सांस्कृतिक समझ विकसित हो सके।



