
नई दिल्ली, 15 मार्च। निर्वाचन आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा. उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा. कुमार ने बताया कि केरल, असम और पुडुचेरी के लिए नौ अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा.
1. असम – मतदान तिथि – 9 अप्रैल; मतगणना तिथि – 4 मई
2. तमिलनाडु – मतदान तिथि – 23 अप्रैल; मतगणना तिथि – 4 मई
3. पश्चिम बंगाल – मतदान तिथि – 23 अप्रैल (पहला चरण), 29 अप्रैल (दूसरा चरण); मतगणना तिथि – 4 मई
4. केरल – मतदान तिथि – 9 अप्रैल; मतगणना तिथि – 4 मई
5. पुडुचेरी – मतदान तिथि – 9 अप्रैल; मतगणना तिथि – 4 मई
कुमार ने बताया कि केरल, असम और पुड्डुचेरी के लिए 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा। उन्होंने बताया कि चारों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की 824 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना 4 मई को होगी। कुमार ने कहा कि चुनाव हिंसा या प्रलोभन से मुक्त होने चाहिएं और आयोग किसी भी उल्लंघन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। कुमार के साथ 2 निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद थे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ‘शुद्ध मतदाता सूची हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है; किसी भी पात्र मतदाता को हटाया नहीं जाना चाहिए और किसी भी अपात्र मतदाता को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।’
उन्होंने बताया कि 5 राज्य विधानसभाओं के 824 निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र हैं। उन्होंने बताया कि 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान होगा, जहां 25 लाख चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के कुल मतदाताओं की संख्या ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और कनाडा की जनसंख्या के बराबर है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 20 देशों के चुनाव निकायों के प्रतिनिधि भारत के ‘लोकतंत्र के उत्सव’ का अनुभव प्राप्त करने के लिए चुनाव वाले राज्यों का दौरा करेंगे।
“नई पहलों में से एक यह है कि मतदान केंद्र के द्वार के ठीक बाहर, मतदाता अपना मोबाइल जमा कर सकते हैं, अंदर जाकर मतदान कर सकते हैं, बाहर आकर मोबाइल वापस ले सकते हैं और वापस जा सकते हैं. मतदाता जिस उम्मीदवार को चुनना चाहते हैं, उसकी पहचान के लिए सभी उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें ईवीएम पर उपलब्ध होंगी. लंबी कतारों से बचने के लिए, किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे.”
कुमार ने बताया कि असम, केरल, पुड्डुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति मतदान केंद्र पर मतदाताओं की औसत संख्या 750-900 है। कुमार ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के दौरान अच्छा काम करने के लिए बी.एल.ओज. को बधाई भी दी। उन्होंने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारी हर 2 घंटे में मतदान प्रतिशत अपलोड करेंगे और चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद मतदान के आंकड़े अपलोड किए जाएंगे।
ओपिनियन पोल में बंगाल में ममता सरकार, असम में हेमंता की वापसी
चुनाव की घोषणा के बाद सर्वे एजैंसी मैटरिज-आई.ए.एन.एस. ने ओपिनियन पोल जारी किया है। सर्वे के मुताबिक पश्चिम बंगाल में एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस की सरकार बन सकती है, जबकि असम में भाजपा की सरकार बनी रहने का अनुमान है। तमिलनाडु की 231 सीटों में से सर्वे में द्रमुक को 104-114 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन को 114-127 सीटें मिल सकती हैं। वहीं केरल में भी लैफ्ट और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यू.डी.एफ. के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।



