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रामलला के चढ़ावे में हेराफेरी की SIT जांच में तीन और नाम शामिल, अभी कई और नाम होंगे बेनकाब

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लखनऊ, 16 जून। श्रीराम मंदिर की दान की राशि के गबन मामले में चर्चा में आए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू मंगलवार को कैमरे के सामने आए। एक बयान में उन्होंने कहा कि राशि की गितनी की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की रहती थी। उनकी देखरेख में ही गिनती होती थी। इसके अलावा तीन और नामों का खुलासा किया जो गिनती प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते थे। अब ये सभी सवालों के घेरे में आ गए हैं।

राम मंदिर के दान की गिनती करने के लिए थे तीन इंचार्ज
टिन्नू ने कहा कि गिनती प्रक्रिया के तीन इंचार्ज थे। इसमें दीनानाथ वर्मा, प्रकाश गुप्ता और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। एक चाबी ट्रस्ट के पास रहती थी और दूसरी बैंक कर्मियों के पास। दोनों चाबियों की मदद से ताला खोला जाता था। उसके बाद गिनती शुरू होती थी। गिनती प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि ट्रस्ट के अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी कैश को लेकर रहती थी। टिन्नू खुद सवालों के घेरे में तो हैं ही अब इन सभी पर सवाल खड़े हो गए हैं। एसआईटी इन सभी से पूछताछ करेगी। सूत्रों के मुताबिक जो इंचार्ज हैं, उनसे पूछताछ हो भी रही है।

SIT अब तक इन लोगों से कर चुकी है पूछताछ
लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा- ये दोनों फिलहाल पुलिस के कब्जे में हैं। इनके पास से और इनकी निशानदेही पर बड़ी मात्रा में कैश मिलने की बात सामने आई है।

अवनीश, करुणे और रामशंकर यादव (टिन्नू)- इन कर्मचारियों के नाम भी जांच और पूछताछ के दायरे में आये हैं। (हालांकि रामशंकर यादव ने वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है और कहा है कि उनका चढ़ावा गिनने से कोई लेना-देना नहीं था।)

कृष्णदेव तिवारी- गर्भगृह के सामने आभूषण और कीमती धातुएं रखने वाले कमरे के प्रभारी, जिनसे भी एसआईटी ने पूछताछ की है।

शिखर गुप्ता (बैंक कर्मी)- जांच में सामने आया है कि बैंक आफ बड़ौदा के इस कर्मचारी की भूमका दान के पैसों के मिलान और जमा करने की प्रक्रिया में संदिग्ध थी। मुख्य आरोपियों के साथ इसके कनेक्शन को लेकर SIT पूछताछ कर रही है।

सत्यप्रकाश सिंह– यह भी दानपात्रों से नकदी निकालने और उनकी गिनती के प्रबंधन से जुड़ा हुआ था। खातों में दर्ज रकम और वास्तविक नकदी के अंतर को लेकर इससे गहन पूछताछ की जा रही है।

संदीप कुमार- शुरुआती तौर पर कस्टडी में लिए गए आरोपियों से मिली जानकारी के बाद इसे हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि यह मंदिर परिसर से नकदी को बाहर ठिकाने लगाने या उसे छिपाने में मददगार था।

ट्रस्ट के कई अधिकारियों से भी हुई पूछताछ
SIT ने व्यवस्था और निगरानी को समझने के लिए श्रीराम जन्मभूम ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव से भी बंद कमरे में लंबी पूछताछ की है कि आखिर दानपात्रों की सुरक्षा और गिनकी की क्या प्रक्रिया थी।

50 करोड़ की संपत्ति की बात में सच नहीं, 2008 में खरीदी थी जमीन: टिन्नू
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दानराशि गड़बड़ी प्रकरण में चर्चाओं के केंद्र में आए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी संपत्ति को लेकर किया जा रहा प्रचार पूरी तरह भ्रामक है।

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