
चमोली, 20 मार्च। बीते कुछ दिनों से जारी बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। दिन भर हुई रिमझिम बारिश से राजधानी दून के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम पारा 11 डिग्री तक लुढ़क गया। दून में 19.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि सबसे अधिक बारिश मसूरी में हुई। यहां 32.3 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बदरीनाथ धाम सहित हेमकुंड साहिब में लगातार बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है. बदरीनाथ धाम में दो फिट तक बर्फ जमी है। लगातार बर्फबारी का सिलसिला जारी है।
बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में हो रही बर्फबारी तथा निचले क्षेत्रों में बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई है. औली में भी बर्फबारी और सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं. चमोली जिले के कई इलाकों में देर शाम से ही बारिश जारी है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. ठंड एक बार फिर लौट आई है. बारिश और बर्फबारी से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. किसानों का कहना है कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण फसलें ठीक से विकसित नहीं हो पा रही थीं. जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई थी.
बर्फबारी से बदला पहाड़ों का नजारा
प्रदेश के ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी हुई हैं. केदारनाथ धाम और उसके आसपास के इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र एक बार फिर सफेद चादर से ढका है. स्थानीय लोगों के मुताबिक मार्च के महीने में इस तरह की बर्फबारी कम ही देखने को मिलती है. इस बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव आया है. बर्फबारी के चलते पहाड़ों में ठंड भी बढ़ गई है. कई जगहों पर सुबह के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है.
मैदान से पहाड़ तक गिरा पारा
आंकड़ों पर नजर डालें तो दून का अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री गिरावट के साथ 17.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री बढ़ोतरी के साथ 16.9 डिग्री दर्ज किया गया। उधर, पर्वतीय जिले नई टिहरी का अधिकतम तापमान सामान्य से 14 डिग्री गिरावट के साथ 8.4 डिग्री और मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान सामान्य से 12 डिग्री कमी के साथ 6.9 डिग्री रहा। ऐसा ही हाल प्रदेश के अन्य हिस्सों का भी रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव आया है। अगले कुछ दिनों तक मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को मौसम के अनुरूप सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।



