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कभी पलायन तो कभी गुलदार का खौफ, अब बच्चों की पढ़ाई पर भी लगा ‘ब्रेक’

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कोटद्वार, 5 अप्रैल। पौड़ी गढ़वाल के पोखड़ा ब्लॉक के भतकोट गांव में गुलदार का खौफ लगातार बना हुआ है। हाल ही में चार साल की बच्ची की मौत के बाद लोगों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। गुलदार को नरभक्षी घोषित किए जाने के बावजूद वन विभाग को अब तक उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली है, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश व्याप्त है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारी मनोज कुमार जोशी ने  6 अप्रैल सोमवार यानि आज तक प्रभावित इलाकों में अवकाश घोषित किया है।
बीरोंखाल और पोखड़ा ब्लाक के 10 स्कूल सोमवार तक बंद
गुलदार के खतरे के चलते ग्रामीण दहशत में हैं। पिछले गुरुवार को गुलदार ने चार वर्षीय मासूम को निवाला बना लिया था, जिसके बाद क्षेत्र में आक्रोश है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पोखड़ा और बीरोंखाल ब्लॉक के 10 स्कूल सोमवार तक बंद कर दिए गए हैं। ये स्कूल हैं न्याय पंचायत कोलाखाल के स्कूल पाटल्यूं, मयलगांव, पटोटी, जनता इंटर कालेज कुंजखाल, बीरोंखाल ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिमली, कंडूली बड़ी, ढिस्वाणी, भरपूर बड़ा आदि। वहीं वन विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार डेरा डाले हुए हैं और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
वन एवं राजस्व विभाग की टीमें एस्कार्ट ड्यूटी पर तैनात
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि स्कूल खुलने के बाद बच्चों की सुरक्षा के लिए वन एवं राजस्व विभाग की टीमें एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात रहेंगी। गुलदार की निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप और ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। क्षेत्र में 20 ट्रैपिंग कैमरे और तीन पिंजरे लगाए गए हैं, साथ ही दो विभागीय शूटर भी तैनात किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर निजी शूटरों की भी मदद ली जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं। साथ ही ग्रामीणों की सुविधा के लिए मवेशियों के लिए चारा-पत्ती की व्यवस्था की जा रही है।
थलीसैंण में भालू गौशाला की छत तोड़कर अंदर घुस रहा
थलीसैंण ब्लॉक अंतर्गत दूरस्थ गांव खंड तल्ला में भालू का आतंक है। बीते करीब 20 दिनों में भालू तीन मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। भालू के हमलों से परेशान ग्रामीण अब रातभर जागकर अपने मवेशियों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। शाम ढलते ही गांव के लोग मशाल, टॉर्च और लाठी-डंडों के साथ गश्त कर रहे हैं। टीला के जिला पंचायत सदस्य  और ग्राम प्रधान ने बताया कि शुक्रवार रात भालू ने पिंकी देवी की गोशाला का दरवाजा तोड़कर दुधारू गाय को मार डाला, जबकि एक अन्य पशु को गंभीर रूप से घायल कर दिया। भालू गोशालाओं की छत तोड़कर भी अंदर घुस रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। पिछले 20 दिनों में भालू तीन मवेशियों को मार चुका है। लगातार बढ़ते खतरे के चलते लोग पूरी रात जागकर अपने पशुओं की रखवाली कर रहे हैं। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण कर मुआवजे की रिपोर्ट तैयार की।

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