
उत्तरकाशी, 21 मई। चारधाम यात्रा के अंतर्गत यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए दो और श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. दोनों श्रद्धालुओं को अचेत अवस्था में उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी लाया गया. जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. लगातार हो रही मौतों से यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने लगी है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.
जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र निवासी 62 वर्षीय वंदना विजय सिंह बघेल तथा गुजरात निवासी 68 वर्षीय पटेल नितिन भाई बालू भाई यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए थे. यात्रा के दौरान अलग-अलग समय पर दोनों श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि दोनों को सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी महसूस हुई. जिसके बाद वे अचेत हो गए. आसपास मौजूद यात्रियों और पुलिस प्रशासन की मदद से दोनों को तत्काल उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी पहुंचाया. जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी के चिकित्सक डॉक्टर अखिल राणा ने दोनों श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है. पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है. आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
गौरतलब है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री धाम यात्रा में अब तक मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 10 पहुंच गई है. लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर मेडिकल टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, थकान और पहले से मौजूद बीमारियां स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है. ऐसे में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य परीक्षण कराकर ही यात्रा करनी चाहिए.



