
देहरादून, 10 अप्रैल। जनगणना के पहले चरण में मकानों की गणना के लिए शुक्रवार से प्रदेश में स्वगणना की शुरुआत हो गई है। आप भी पोर्टल पर 33 आसान सवालों का जवाब देकर अपनी स्वगणना Census कर सकते हैं। राज्यपाल द्वारा जनगणना के पहले चरण की शुरुआत करना प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे और भविष्य की योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने स्व-गणना की शुरुआत की। शाम पांच बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वगणना करेंगे। जनगणना निदेशालय की ओर से प्रदेश में 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक भवन स्व गणना का मौका मिलेगा। यह काम जनगणना के पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से होगी। भवन स्व गणना में आपको 33 सवालों का जवाब देना होगा। घर बैठे एंट्री भरने के बाद आपको एक एसई आईडी मिलेगी। जब जनगणना निदेशालय की ओर से प्रगणक आपके घर पहुंचेंगे तो आपको उन्हें वह एसई आईडी देनी है। इस आईडी से वह आपका पूरा डाटा अपने सॉफ्टवेयर में ले लेंगे। इसे अपने स्तर से वहीं खड़े होकर सत्यापित करेंगे और अंतिम एंट्री कर देंगे। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रगणक 25 अप्रैल से 24 मई के बीच घर-घर जाएंगे।
स्वगणना के दौरान बरतें ये सावधानियां
एक परिवार के लिए एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करेंपरिवार के मुखिया का नाम भरने के बाद उसे बदला नहीं जा सकेगा। पोर्टल में स्वगणना के दौरान भाषा का चयन सही ढंग से करें, क्योंकि सवाल उसी भाषा में दिखाई देंगे। कोशिश करें कि स्वगणना अपने घर से ही भरें, ताकि आसानी से गूगल मैप पर जिओ टैगिंग हो सके घर से दूर होकर स्वगणना के दौरान गूगल मैप पर अपने घर को सही ढंग से मैप करें। सभी सवालों का जवाब देने के बाद एक बार जरूर चेक कर लें, फिर सबमिट करें पोर्टल पर फॉर्म सबमिट करने के बाद सिर्फ प्रगणक की जानकारी को संशोधित कर सकता है। स्वगणना के बाद प्राप्त एसई आईडी को संभाल कर रखें स्वगणना के बाद एसई आईडी न होने पर प्रगणक को फिर से सभी जानकारियों को भरना होगा।
स्वगणना के लिए रजिस्ट्रेशन ऐसे करें
सेंसस 2027 की ऑफिशियलल वेबसाइट (se.census.gov.in) पर विजिट करें. अपना स्टेट सिलेक्ट करें और फिर कैप्चा कोड को भरने के बाद वेरिफाई & प्रोसीड पर क्लिक करे. इसके बाद अलग पेज खुलेगा. इसमें परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर, अगर ईमेल आईडी है तो वो भी भरें और फिर वेरिफाई & प्रोसीड पर क्लिक करें. इस प्रक्रिया के बाद मोबाइल पर एक ओटीपी प्राप्त होगा. साथ ही नया पेज खुलेगा. इसमें आपको अपनी भाषा का चयन करना है, जिस भाषा में सवालों का जवाब देना चाहते हैं. साथ ही मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को भरें. इसके बाद वेरिफाई ओटीपी पर क्लिक करें. इन सभी प्रक्रियाओं को करने के बाद स्वगणना से संबंधित सवालों के जवाब देने के लिए रजिस्टर्ड हो जाएंगे.
इन 33 सवालों के जवाब सही-सही भरें
1-भवन नंबर (प्रगणक भरेंगे)
2-मकान नंबर (प्रगणक भरेंगे)
3-मकान के फर्श में प्रयुक्त सामग्री
4-मकान की दीवार में प्रयुक्त सामग्री
5-मकान की छत में प्रयुक्त सामग्री
6-मकान का उपयोग
7-मकान की हालत
8-परिवार क्रमांक
9-परिवार के सदस्यों की संख्या
10-परिवार के मुखिया का नाम
11-परिवार के मुखिया का लिंग
12-अनु.जाति, अनु.जनजाति या अन्य
13-मकान के स्वामित्व की स्थिति
14-मकान में कमरों की संख्या
15-परिवार में विवाहित दंपती संख्या
16-पेयजल का मुख्य स्रोत
17-पेयज स्रोत की उपलब्धता
18-लाइट का मुख्य स्रोत
19-शौचालय की उपलब्धता
20-शौचालय का प्रकार
21-गंदे पानी की निकासी
22-स्नानघर की उपलब्धता
23-रसोईघर, एलपीजी या पीएनजी
24-खाना पकाने का मुख्य ईंधन
25-रेडियो या ट्रांजिस्टर
26-टेलीविजन
27-इंटरनेट सुविधा
28-लैपटॉप या कंप्यूटर
29-टेलीफोन, मोबाइल, स्मार्ट फोन
30-साइकिल, स्कूटर, बाइक
31-कार, जीप, वैन
32-मुख्य अनाज
33-मोबाइल नंबर
2011 में इतनी थी देश की जनसंख्या
पिछली जनगणना 2011 में हुई थी. उस जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या तब 1,21,08,54,977 थी. इसमें पुरुषों की संख्या लगभग 62.32 करोड़ और महिलाओं की संख्या 58.75 करोड़ थी.
2001 में इतनी थी उत्तराखंड की जनसंख्या
उत्तराखंड राज्य भारत का उत्तरी राज्य है. ये हिमालयी राज्य कहलाता है. उत्तराखंड की स्थापना 9 नवंबर 2000 में हुई थी. 2001 में यहां पहली बार जनगणना हुई थी. 2001 की जनगणना के अनुसार तब उत्तराखंड की कुल जनसंख्या 84,89,349 थी. तब राज्य में 43,25,924 पुरुष और 41,63,425 महिलाएं थीं.



