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चाहे कोई अंदर का हो या बाहर का CBI उन्हें गिरफ्तार करे और सजा दे: DG, नई एग्जाम डेट जल्द

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नई दिल्ली, 12 मई। नीट पेपर लीक मामले में एनटीए ने बड़ा फैसला लिया है। नीट एग्जाम रद्द करके फिर से आयोजित करने का फैसला लिया गया है। NTA के DG अभिषेक सिंह ने कहा, ‘चाहे कोई अंदर का हो या बाहर का, जो भी हो, हम CBI से आग्रह करते हैं कि उन्हें गिरफ्तार करे और सजा दे, ताकि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके…’

एनटीए ने कहा कि ‘NTA को प्राप्त इनपुट, और जांच एजेंसियों द्वारा शेयर किए गए जानकारी को एक साथ देखने पर, यह साफ हो गया कि वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। नीट परीक्षा फिर से आयोजित होने वाली परीक्षा की तिथियां, और नए सिरे से जारी किए जाने वाले एडमिट कार्ड का कार्यक्रम, आने वाले दिनों में एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से सूचित किया जाएगा।’

री-नीट के लिए फिर से रजिस्ट्रेश की जरूरत नहीं
नहीं, एनटीए ने नीट यूजी परीक्षा रद्द करने के साथ जरूरी जानकारी भी दी है जिसमें साफ-साफ बताया गया है कि मई 2026 के चक्र में किए गए रजिस्ट्रेशन का डेटा, उम्मीदवारी और चुने गए परीक्षा केंद्र- ये सभी डिटेल्स फिर से आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए भी मान्य रहेंगे। इसके लिए किसी नए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी, और न ही कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क लिया जाएगा। इसके अलावा, जो फीस पहले ही जमा की जा चुकी है, वह छात्रों को वापस कर दी जाएगी और परीक्षा NTA के अपने संसाधनों का इस्तेमाल करके दोबारा आयोजित की जाएगी।

NTA की उम्मीवारों और पेरेंट्स से अनुरोध
नीट परीक्षा रद्द करने के बाद एनटीए ने उम्मीदवारों और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी जानकारी के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट या ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। बिना पुष्टि किसी भी तरह की जानकारी पर भरोसा न करें। उम्मीदवार या पेरेंट्स हेल्पलाइन: neet-ug@nta.ac.in | 011-40759000 / 011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं।

क्या नासिक से लीक हुआ नीट का पेपर?
NEET-UG पेपर लीक मामले में कई चौकाने वाले अपडेट सामने आ रहे हैं। नीट ‘गेस पेपर’ लीक केरल से माना जा रहा है था , लेकिन अब इसमें नासिक का नाम जुड़ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नीट पेपर की पहली डिजिटल कॉपी नासिक में किसी गुप्त जगह पर तैयार की गई थी। बाद में इस डिजिटल कॉपी को दूसरे राज्यों में सक्रिय ‘सॉल्वर गैंग’ तक पहुंचाया गया। इस पूरे ऑपरेशन में एक निजी कूरियर सेवा में काम करने वाले कर्मचारी की भूमिका पर संदेह है। शक है कि उसे पेपर वाले सुरक्षित ट्रंक तक पहुंचने की अनुमति दी गई थी, और वह भी पेपर के अपने अंतिम निर्धारित स्थान पर पहुंचने से पूरे 30 मिनट पहले।

जांच ​​से पता चलता है कि नासिक में क्वेश्चन पेपर की सीधे तस्वीरें लेने के बजाय, उसे एक हाई-डेफिनिशन पोर्टेबल स्कैनर का उपयोग करके स्कैन किया गया था। इन स्कैन की गई तस्वीरों को बाद में टेलीग्राम पर बने ग्रुप्स में, जैसे कि ‘प्राइवेट माफिया’ नाम के ग्रुप में, बहुत ही साफ क्वालिटी में शेयर किया गया था।

नीट पेपर लीक मामले में क्या-क्या हुआ?
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने कई खुलासे किए थे। उन्होंने बताया कि नीट एग्जाम से 15 से 1 महीने पहले से एक ‘गेस पेपर’ नीट एस्पिरेंट्स के बीच काफी सर्कुलेट हो रहा था। यह 150 पेज का गेस पेपर है या क्वेश्चन बैंक है जिसमें 410 के करीब सवाल हैं। 410 में से 120 सवाल नीट एग्जाम के केमिस्ट्री सेक्शन में हूबहू आए हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि नीट यूजी के 720 नंबर में से 600 नंबर के सवाल कुछ छात्रों तक परीक्षा से दो दिन पहले ही पहुंच गए थे। हालांकि अभी नीट यूजी पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) विशाल बंसल कहा, ‘एक ‘गेस पेपर’ है जिसमें लगभग 410 सवाल हैं। इन 410 सवालों में से, यह आरोप है कि लगभग 120 सवाल असल में परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन में आए थे। बताया जा रहा है कि यह गेस पेपर परीक्षा से काफी पहले ही छात्रों के बीच सर्कुलेट हो रहा था। यह परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले ही छात्रों तक पहुंचना शुरू हो गया था। इसलिए, हमारी जांच अभी इस बात पर फोकस है कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर कोई चीटिंग या कोई क्रिमिनल एक्टिविटी हुई है। हम इस मामले की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और अभी जांच प्रक्रिया में लगे हुए हैं।’ नीट पेपर लीक मामले में नई जानकारी के लिए यहां दिए जा रहे ताजा अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।

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