
देहरादून, 12 मई। वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच के सदस्यों का प्रदर्शन आज भी दिनभर जारी रहा। कुछ सदस्य कल से टंकी पर चढ़े हैं। वहीं, शाम को धरना दे रहे सदस्यों ने परेड मैदान के पास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इससे सड़क पर जाम लग गया। इस दौरान कई लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई। एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल भेजा गया।
कई दिन से बैठी हैं आमरण अनशन पर

धूप और बारिश की चिंता ना करते हुए प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है. आज 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के मौके पर यह नर्सिंग बेरोजगार मांगों का समाधान नहीं होने की सूरत में मायूस नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि आज सुबह से ही इनको अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस की बधाइयां फोन पर मिल रही हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में वह उन शुभकामनाओं को भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर का मानना है कि अब तो प्रशासन भी उनके साथ तानाशाही कर रहा है, और अपने साथियों के लिए पानी की टंकी पर खाना पीना भेजने से रोका जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस उन लोगों के लिए है, जिन्हें रोजगार मिल गया है. हमारे लिए तो आज का दिन ब्लैक डे के रूप में है. नवल ने कहा कि नर्सेज सोसायटी का समाज में विशेष स्थान रहा है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय नर्सेज डे के दिन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे नर्सिंग अभ्यर्थियों को उपहार स्वरूप वर्ष वार नियुक्ति का तोहफा दिया जाना चाहिए.
उन्होंने चेताया कि यदि उनकी मांगों पर कोई निस्तारण नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में उनका आंदोलन जारी रहेगा. इधर धरने पर बैठीं मधु उनियाल ने कहा कि उनके फोन पर नर्सेज दिवस की शुभकामनाओं के कई संदेश आ रहे हैं, लेकिन इन स्थितियों में उन शुभकामनाओं को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. उनकी मांगों को दरकिनार किया जा रहा है. 159 दिन से वह वर्ष वार नियुक्ति की मांग को लेकर धरनारत रहे, और आज भी धरना दे रहे हैं. मधु उनियाल ने कहा कि उसके बावजूद सरकार उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रही है.
पुलिस ने जबरन उतारने की कोशिश की तो कूदने की दी चेतावनी
जानकारी के मुताबिक देर रात पुलिस ने आंदोलनकारियों को जबरन उतारने की कोशिश की तो उन्होंने ऊपर से कूदने की चेतावनी दे दी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर जबरदस्ती करोगे तो पेट्रोल डालकर आत्मदाह भी कर लेंगे। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती आंदोलन उग्र ही रहेगा। शासनादेश जारी होने के बाद ही आंदोलनकारी टंकी से उतरेंगे। अब कोई आश्वासन नहीं माना जाएगा।
-नवल पुंडीर, अध्यक्ष, नर्सिंग एकता मंच
आंदोलनकारी कानून के दायरे में रहकर शांति प्रिय ढंग से धरना दें। चर्चा में आने के लिए कोई ऐसा कदम न उठाएं जो कानून के विरुद्घ हो। धरना स्थल पर पुलिस बल तैनात है।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून



