
देहरादून/नई दिल्ली, 8 जून। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने मालवीय नगर अग्निकांड के मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज की पुलिस हिरासत दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया है. कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार कुक केशव नेगी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. आज होटल के मैनेजर जय मिश्रा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया.
केशव नेगी को कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार
कुक केशव नेगी ने कोर्ट में आज अपनी जमानत याचिका दायर किया लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता और लापरवाही के आरोपों को देखते हुए केशव नेगी को जमानत देने से इनकार कर दिया. केशव नेगी को कोर्ट ने 6 जून को आज तक की पुलिस हिरासत में भेजा था. दिल्ली पुलिस ने केशव नेगी को 6 जून को गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार कुक केशव नेगी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि मैनेजर जय मिश्रा ने आज कोर्ट में सरेंडर किया है. होटल के मालिक लवकेश बजाज को कोर्ट ने 4 जून को आज तक की पुलिस हिरासत में भेजा था.
दिल्ली पुलिस और अभियोजन पक्ष का दावा
बताया जा रहा है कि होटल में आग कुछ केशव नेगी की लापरवाही की वजह से फैला. आग लगने के बाद केशव नेगी खुद को बचाने के लिए भाग गया. पुलिस के मुताबिक केशव नेगी इलेक्ट्रिक स्टोव पर खाना बना रहा था तभी उसमें ब्लास्ट हुआ. ब्लास्ट के बाद नेगी ने पावर सप्लाई बंद कर दी जिससे होटल के इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे बंद हो गए और कई लोग होटल के अंदर ही फंसे रह गए. होटल में 2 कमरे थे. होटल से निकलने के लिए केवल एक ही रास्ता था. होटल की खिड़कियों को स्थायी रुप से बंद कर दिया गया था और सेंसर संचालित मुख्य दरवाजा था.
बचाव पक्ष के वकील की दलील
केशव नेगी के वकील दीपक प्रकाश ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल केशव को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केशव किचन में चाय बना रहा था, तभी अचानक धमाका हुआ। उसने दमकल यंत्र fire extinguisher से आग बुझाने की कोशिश भी की और तुरंत मैनेजर को फोन पर इसकी सूचना दी। इस मामले में मुख्य लापरवाही होटल प्रबंधन की है, केशव को मुख्य अपराधी की जगह एक गवाह बनाया जाना चाहिए।
बता दें कि 3 जून को मालवीय नगर के होटल में सुबह करीब आठ बजे भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में बेसमेंट में फंसे 22 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए. मरने वालों में ज्यादातर विदेशी हैं. बचाव कार्य के दौरान आग और धुएं की चपेट में आने से 10 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए.



