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11 महीने में चंदे के 83 करोड़़, सुरक्षा खर्च 10 करोड़, फिर भी नहीं थमी ‘चोरों की सेंधमारी’

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अयोध्या, 18 जून। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान राशि में गड़बड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की चर्चा तेज होती जा रही है। जांच के तीसरे दिन एसआईटी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उसकी पड़ताल केवल धनराशि के कथित गबन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रशासनिक, प्रबंधकीय और निगरानी तंत्र की गहन समीक्षा की जा रही है।

राम मंदिर दान चोरी प्रकरण के बीच दानराशि में कमी
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानराशि में गड़बड़ी के मामले की जांच के बीच अब मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे में भी कमी दर्ज की जा रही है। मंदिर से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जहां पिछले कई महीनों से प्रतिमाह औसतन सात करोड़ रुपये के आसपास दान राशि प्राप्त हो रही थी, वहीं पिछले एक पखवाड़े में यह आंकड़ा घटकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

सुरक्षा पर 10 करोड़ खर्च, फिर भी होती रही चोरी
राम मंदिर की दानराशि गड़बड़ी प्रकरण की जांच के बीच ट्रस्ट के वित्तीय दस्तावेजों से कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दस्तावेजों के अनुसार मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर 11 माह में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसी अवधि में दान पेटियों से चोरी और दानराशि में गड़बड़ी का मामला सामने आ गया।

11 माह में मिला 83 करोड़ का दान
ट्रस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 11 माह के दौरान ट्रस्ट को विभिन्न माध्यमों से लगभग 83 करोड़ दान में मिले। इसमें पेटियों से 55 करोड़, काउंटरों से 18 करोड़, ऑनलाइन 8 करोड़, विदेशी श्रद्धालुओं से 78 लाख व अन्य स्रोतों से 1.22 लाख प्राप्त हुए।

एसआईटी को मिले सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के सुबूत, टिन्नू से लंबी पूछताछ
श्रीराम मंदिर की दान की राशि में हेरफेर के मामले में एसआईटी (विशेष जांच दल) की तफ्तीश तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिससे आशंका है कि सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ की गई थी ताकि रकम पार कर सुबूत मिटाए जा सकें। हालांकि, अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, निगरानी करने वाले असल जिम्मेदार एसआईटी के सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे हैं। जांच टीम ने रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से भी लंबी पूछताछ की है। एसआईटी की टीम सोमवार से अयोध्या में डेरा डाले है।

सवालों में फंस रहे जिम्मेदार
एसआईटी चंपत राय, गोपाल राव समेत राममंदिर ट्रस्ट के कई अन्य पदाधिकारियों व उनसे जुड़े लोगों से गहनता से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक ये लोग कई सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कई सवालों के गोलमोल जवाब दे रहे हैं। दान के दिए गए रिकॉर्ड से भी एसआईटी संतुष्ट नहीं है क्योंकि उसमें कई चीजें अस्पष्ट हैं। इसलिए एसआईटी को जांच में समय लग रहा है। विशेष जांच दल ने पूछताछ के लिए करीब दो सौ लोगों की सूची तैयार की है। इनमें से सवा सौ लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें से कुछ से कई बार पूछताछ की है।

दान चोरी प्रकरण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट
एक सप्ताह पूर्व जहां राम मंदिर में रोजाना करीब एक लाख दर्शनार्थी आ रहे थे, पिछले तीन दिनों में यह संख्या घटकर 75 हजार हो गई। सूत्रों के अनुसार, इस समय रोजाना करीब सात से आठ लाख का ही दान आ रहा है। राम मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े एक कर्मी का कहना है कि केवल विवाद को ही दान में कमी का कारण नहीं माना जा सकता। भीषण गर्मी, स्कूल-कॉलेजों के खुलने, विवाह सीजन समाप्त होने और यात्रा के सामान्य चक्र का भी असर श्रद्धालुओं की संख्या पर पड़ा है।

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