4 साल स्नातक डिग्री वालों के लिए 1 साल का मास्टर कोर्स को UGC ने दी मंजूरी, शर्तें लागू

नई दिल्ली, 31 जुलाई, 26. यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने नेशनल एजुकेशन पाॅलिसी (NEP 2020) के तहत बड़ा फैसला लिया है। अब देश की यूनिवर्सिटी और हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स (HEIs) और ओपन एंड डिस्टेंस सर्निंग (ODL) के माध्यम से 1 साल का पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम शुरू कर सकेंगे। कमीशन ने नए नियम भी बताए हैं। एक साल के प्रोग्राम से उन छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो जाॅब के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं या फिर काॅलेज नहीं जा सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा सभी यूनिवर्सिटी को नहीं मिलेगी। यहां यूजीसी के नियम और इस कोर्स जुड़ी जानकारी दी जा रही है।
क्या है UGC का नया नियम?
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 28 जुलाई 2026 को जारी सर्कुलर में बताया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत अब योग्य विश्वविद्यालय ऑनलाइन और ODL मोड में भी एक साल का पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम (One-Year Postgraduate Programme) शुरू कर सकेंगे। लेकिन इसके लिए संस्थान को पहले से उसी विषय में साल के PG प्रोग्राम चलाने की UGC से मान्यता प्राप्त होना जरूरी होगा।
कौन कर सकेगा 1 साल का PG कोर्स?
एक साल के पीजी कोर्स के लिए योग्यता का नियम भी बनया गया है। इस कोर्स में सिर्फ यही स्टूडेंट्स दाखिला ले सकेंगे-
4 साल की बैचलर डिग्री पूरी की हो।
संबंधित कोर्स की सभी पात्रता शर्तें पूरी की हों।
यदि MBA, MCA, PGDM जैसे प्रोफेशनल कोर्स हैं तो उनके लिए संबंधित रेगुलेटरी बॉडी द्वारा तय अतिरिक्त योग्यता भी पूरी करनी होगी।
किन यूनिवर्सिटी को मिलेगी कोर्स शुरू करने की अनुमति?
हर विश्वविद्यालय यह कोर्स शुरू नहीं कर सकेगा। केवल वही हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन (HEIs) इसे चला सकेंगे, जिन्हें UGC से ऑनलाइन/ODL मोड में दो वर्षीय PG प्रोग्राम चलाने की पहले से अनुमति मिली हो। जो NEP 2020 और UGC के सभी नियमों का पालन करते हों। जिनके सक्षम शैक्षणिक निकाय (BoS, Academic Council, Executive Council आदि) इस कोर्स को मंजूरी दें।
UGC की विश्वविद्यालय के लिए आश्यक शर्तें
एक साल के PG प्रोग्राम NEP 2020 और UGC की गाइडलाइंस के अनुरूप होना चाहिए।
ऑनलाइन या ODL मोड में यह कोर्स तभी शुरू होगा, जब उसी विषय का दो साल PG प्रोग्राम पहले से मान्यता प्राप्त हो।
प्रवेश केवल 4 साल ऑनर्स बैचलर डिग्री वाले छात्रों को मिलेगा।
प्रोफेशनल कोर्सों में संबंधित नियामक संस्थाओं के नियम लागू होंगे।
सिलेबस, क्रेडिट सिस्टम, मूल्यांकन और अन्य सभी शैक्षणिक मानक UGC के नियमों के अनुसार होंगे।
किन छात्रों को होगा फायदा?
इस फैसले से ऐसे छात्रों को फायदा मिलेगा जो नौकरी के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं या रेगुलर क्लास में शामिल नहीं हो सकते। ऑनलाइन और ODL मोड में एक वर्षीय PG की सुविधा मिलने से उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी, जबकि कोर्स की गुणवत्ता और मानकों पर भी UGC की निगरानी रहेगी।



