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उत्तराखंड में गियर वाली बाइक के लाइसेंस पर अब नहीं चला सकेंगे स्कूटी, कटेगा चालान

देहरादून, 17 अगस्त, 26. अब वाहन चालक गियर वाली मोटर साइकिल के लाइसेंस पर बिना गियर वाला दोपहिया वाहन यानी स्कूटी एवं उसी तरह के वाहन नहीं चला सकेंगे। इसके लिए उन्हें अलग से लाइसेंस बनाना होगा। जिनका गियर वाली मोटर साइकिल का लाइसेंस बना हुआ है। उन्हें बिना गियर वाले दोपहिया वाहन का उल्लेख अपने लाइसेंस में कराना होगा। जन विश्वास अधिनियम के प्रभावी होने के बाद मोटरयान अधिनियम के तहत ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से जुड़े प्रावधानों में स्पष्टता लाई गयी है। अब MCWG लाइसेंस के आधार पर MCWOG चलाना नियम विरुद्ध माना जायेगा।

इतना ही नहीं अब वाहन का बीमा कराने में लापरवाही भी वाहन स्वामी की जेब पर भारी पड़ेगी। बिना बीमा लाइसेंस वाहन चलाते पकड़े जाने पर पहली बार में बीमा के बेस प्रीमियम का तीन गुना अथवा पांच हजार रुपये, जो भी अधिक हो वसूल किया जाएगा।

जनविश्वास अधिनियम लागू
प्रदेश में पूरे देश की भांति ही जन विश्वास अधिनियम लागू हो चुका है। इसमें मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत कई दंड के प्रविधानों को सरल करने के साथ आर्थिक दंड बढ़ाया गया है। इसमें लाइसेंस को लेकर भी एक अहम संशोधन किया गया है। इसके तहत अब लाइसेंस में हर श्रेणी का उल्लेख करना जरूरी होगा। इसके साथ ही लाइसेंस की समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद यह 30 दिन का वैध माना जाएगा। लाइसेंस धारक को इसी अवधि के भीतर इसे रिन्यू कराना होगा।

अब प्रदेश में कहीं भी RTO में करा सकेंगे वाहन का रजिस्ट्रेशन
मोटर यान अधिनियम में किए गए एक अहम संशोधन के तहत अब कोई भी व्यक्ति पूरे राज्य में कहीं भी अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन करा सकता है। अभी तक वाहन का रजिस्ट्रेशन उसी संभाग अथवा उपसंभाग में होता था जहां वह व्यक्ति रहता था। इसी प्रकार अब व्यक्ति पूरे प्रदेश के किसी भी आरटीओ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस बना सकता है। चाहे वह अन्यत्र जिले में भी रहता हो।

बीमा पर भी सख्त नियम
नए संशोधन में वाहन बीमा को लेकर भी कई बदलाव किए गए हैं। बिना बीमा वाहन के पकड़े जाने पर जेल की सजा का प्रविधान समाप्त कर दिया गया है। यद्यपि, इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई दूसरी बार बिना बीमा के वाहन के साथ पकड़ा जाता है तो उससे बीमा के बेस प्रीमियम का पांच गुना अथवा 10 हजार रुपये, जो भी अधिक हो वह वसूल किया जाएगा।

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