उत्तराखंडक्राइमबड़ी खबरशिक्षासामाजिकस्वास्थ्य

पौड़ी के द्वारीखाल ब्लाक में दो मंजिला मकान ढहने दो साल के बच्चे समेत 3 की मौत

द्वारीखाल, 18 अगस्त, 26.उत्तराखंड के पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई इलाकों में भूस्खलन से सड़कें बाधित हुई हैं. वहीं पौड़ी के महरगांव में बारिश के बीच बड़ी घटना घटी. बारिश के कारण 18 अगस्त की सुबह कोटद्वार द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव (भलगांव) में भारी बारिश से एक मकान ढह गया।

हादसे में दो साल के बालक सहित तीन की मौत
हादसे में तीन लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। बचाव दल रेस्क्यू में जुट गया है। प्रदेश के कई जिलों में आज सुबह से भारी बारिश का सिलसिला जारी है। देर शाम तक सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम ने 2 वर्षीय रुद्राक्ष पुत्र नवीन सिंह और 46 वर्षीय धीरेंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह का शव बरामद किया. 70 वर्षीय मथुरा देवी का भी शव मिल गया है.

जिलाधिकारी ने पैदल चलकर संभाला मोर्चा


जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया स्वयं करीब तीन किलोमीटर पैदल दुर्गम मार्ग से महरगांव पहुंचीं और मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने रेस्क्यू अभियान की निगरानी करते हुए बचाव दलों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।

बीती रात से पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का कहर जारी है। निरंतर हो रही बारिश से सिलगाड़ व लंगूरगाड़ नदियों का जलस्तर खतरे की स्थिति में पहुंच गया है। सरुडा़ गांव में पंचायत घर, व खोह नदी के तट पर बने आशियानों को खतरा बना हुआ है।लंगूरगाड़ नदी से सुभाष बाजार वार्ड का कंडवाल मोहल्ला भी नदी के प्रवाह से खतरे में है। पुलिस प्रशासन की ओर से निगरानी रखी जा रही है। एनएच 534 में कई जगह भूस्खलन होने से यातायात आवाजाही ठप हो गई है। रपटे में भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

जिला प्रशासन ने आर्थिक सहायता की घोषणा की
जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख और क्षतिग्रस्त भवन के लिए दो लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की है. घायल महिला को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल सतपुली हंस चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है. मौके पर एसडीआरएफ, पटवारी और चौकी की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है.

जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली
पौड़ी में बारिश से हालात का जायजा लेने जिलाधिकारी मंगलवार को तत्काल आपदा कंट्रोल रूम पहुंचीं और अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली. सामने आया कि इलाकों में बारिश के कारण कई सड़कें भी प्रभावित हुईं हैं. जिलाधिकारी ने सभी बाधित मार्गों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए. सतपुली-गुमखाल मार्ग पर जेसीबी की मदद से सड़क को खोल दिया गया है, जबकि गुमखाल-द्वारीखाल-महरगांव मार्ग को सुचारू करने के लिए भी जेसीबी भेजी गई है. जिलाधिकारी ने विद्युत, पेयजल और सड़क जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की. फीडर ब्रेकडाउन होने पर विद्युत विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. नदी-नालों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है.

Related Articles

Back to top button