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अयोध्या में चंदा चोरी मामले में संतों की बैठक रोके जाने पर हंगामा, लगाये ‘चंदा चोर अयोध्या छोड़’ के नारे

अयोध्या, 25 अगस्त, 26. अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदा और चढ़ावे की राशि में हुई कथित वित्तीय अनयमितताओं को लेकर संतों का असंतोष और हंगामा बढ़ गया है। अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में संत समाज एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहा है. मंगलवार को राष्ट्रीय उच्चाधिकार समिति के बैनर तले अयोध्या के साधु-संतों के साथ कंप्यूटर बाबा और महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद गिरी महाराज बैठक करने पहुंचे थे.

25 अगस्त को संतों की बैठक को रोकने का आरोप
25 अगस्त को अयोध्या के रामायणम आश्रम में कंप्यूटर बाबा महंत जन्मेजय शरण और महामंडलेश्वर परमानंद गिरि सहित कई प्रमुख संतों की एक बैठक प्रस्तावित थी। संतों का आरोप है कि पुलिस और इंटेलिजेंस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आश्रम पर ताला लगा दिया और संतों को बैठक करने से रोका। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे सिर्फ सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए तैनात थे। पुलिस ने इस पूरे कार्यक्रम पर रोक लगा दी और रामघाट स्थित एक धर्मशाला के सभागार में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया. पुलिस की इस कार्रवाई से संतों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

‘चढ़ावा चोरों अयोध्या छोड़ो’ के लगे नारे
संतों ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी करने वालों के साथ स्थानीय प्रशासन भी मिला हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सभागार में ताला लगवा दिया और कुछ समय के लिए वहां मौजूद संतों को नजरबंद करके रखा. नजरबंदी से बाहर आते ही संतों ने उग्र प्रदर्शन किया और ‘चढ़ावा चोरों अयोध्या छोड़ो’ के जोरदार नारे लगाए. संतों ने स्पष्ट कहा कि चढ़ावा प्रकरण में जिम्मेदार बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.

सीबीआई जांच और ट्रस्ट भंग करने की मांग
राष्ट्रीय उच्चाधिकार समिति के अध्यक्ष महंत प्रकाशानंद गिरी ने कहा कि इस पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद केवल राम मंदिर के नाम पर ही ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए था, लेकिन तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाकर भ्रष्टाचार किया गया. संतों की मांग है कि मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट बनाया जाए, जिसमें अयोध्या और देश भर के साधु-संतों को जगह मिले. मांगें न पूरी होने पर चित्रकूट से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने की चेतावनी दी गई है.

संतों ने पारित किया तीन सूत्रीय प्रस्ताव
अयोध्या धाम में आयोजित इस बैठक में संतों ने सर्वसम्मति से एक तीन सूत्रीय प्रस्ताव भी पारित किया. प्रस्ताव के अनुसार, राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी एवं कथित घोटाले की सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए. इसमें सेवारत एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की जांच समिति गठित करने और ट्रस्ट के पुनर्गठन पर विचार करने की बात कही गई. साथ ही संतों ने स्पष्ट किया कि मंदिर व्यवस्था में CEO जैसे प्रशासनिक तंत्र को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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