गढ़वाल राइफल्स पहुंचे शीर्ष सुरक्षा सलाहकार: NSA अजीत डोभाल और CDS ने परखीं सैन्य तैयारियां

लैंसडौन, 19 सितंबर, 26. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और CDS चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि शनिवार दोपहर के बाद लैंसडौन पहुंचे। दोनों शीर्ष अधिकारी हैलीकॉप्टर से सेना के नायक भवानी दत्त जोशी परेड़ ग्रांउड पहुंचे। यहां सैन्य परंपरा के साथ उनका स्वागत किया गया। दोनों शीर्ष अधिकारी हेलीकाप्टर से लैंसडोन स्थित भवानी दत्त जोशी परेड ग्राउंड पहुंचे। वहां कर्नल आफ द रेजीमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा और सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने सैन्य परंपराओं के साथ उनका स्वागत किया। परेड ग्राउंड से दोनों सैन्य अधिकारी सेना के अफसर मैस पहुंचे।
शौर्य स्थल पर किया पौधारोपण
सैन्य अफसरों के मेस में अल्प विश्राम के बाद दोनों शीर्ष अधिकारियों ने गढ़वाल राइफल्स के विभिन्न सैन्य एवं प्रशिक्षण क्षेत्रों का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सबसे पहले शौर्य स्थल पहुंचकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने गढ़वाल राइफल्स की प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों का लिया जायजा

इसके पश्चात निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गढ़वाल राइफल्स की ओर से सैनिकों को दी जा रही प्रशिक्षण प्रक्रिया, प्रशिक्षण के स्तर और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों से सैनिकों की क्षमता विकास और आधुनिक सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाई जा रही व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
अग्निवीरों और जवानों से संवाद
इसके साथ ही सैन्य क्षेत्र में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सैनिक हित से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली गई। अधिकारियों ने सैनिकों और अग्निवीरों के प्रशिक्षण एवं कल्याण से जुड़े पहलुओं को समझा तथा संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान गढ़वाल राइफल्स की गौरवशाली सैन्य परंपरा के साथ प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सैनिक कल्याण के विभिन्न आयाम भी सामने आए।
अजीत डोभाल का गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर का यह पहला आधिकारिक दौरा है। वहीं CDS जनरल सुब्रमणि का इस रेजीमेंट से गहरा संबंध रहा है। सुरक्षा कारणों से पूरा कार्यक्रम सैन्य क्षेत्र के भीतर ही रखा गया।
लैंसडौन और आसपास के कई किलोमीटर के दायरे में पुलिस और सेना के जवान तैनात हैं। हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही थी। वेलकम पोस्ट और जयहरीखाल चेक पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। बाहरी लोगों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी गई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। लैंसडौन के साथ-साथ निकटवर्ती क्षेत्रों में भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। पुलिस और सेना के जवानों ने मिलकर सुरक्षा घेरा बनाया था। हर संवेदनशील स्थान पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। वेलकम पोस्ट और जयहरीखाल चेक पोस्ट पर विशेष रूप से चौकसी बरती गई।



