उत्तराखंडक्राइमदेश-विदेशबड़ी खबरयूथ कार्नरशिक्षासामाजिक

उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रहे सैकड़ों शिक्षकों पर लटकी तलवार, जांच शुरू

देहरादून, 2 अक्टूबर, 26. उत्तराखंड में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी अपने वाले शिक्षकों पर नकेल कसे जाने का सिलसिला जारी है. इस कड़ी में राज्य में अलग-अलग जिलों से शिकायतों के आधार पर जांच जारी है. खास बात यह है कि प्रमाण पत्रों की जांच में इनके फर्जी पाए जाने के बाद ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई भी की जा रही है. बागेश्वर से भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं जहां 10 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी मिलने की खबर है.

10, 20, 50 नहीं, बल्कि सैकड़ों रडार पर
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी के लिए फर्जी प्रमाण पत्रों का सहारा लेना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार बात 10, 20 या 50 मामलों की नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग के रडार पर सैकड़ों शिक्षक हैं. जिनमें खास तौर पर पर्वतीय क्षेत्र में ग्रामीण इलाकों में सेवाएं दे रहे शिक्षक शामिल हैं। दरअसल, इन शिक्षकों के न केवल शैक्षिक प्रमाण पत्र बल्कि TET प्रमाण पत्र भी संदेह के घेरे में हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि जिला कैडर के रूप में काम कर रहे ऐसे शिक्षकों की संख्या सैकड़ो में बताई गई है. हालांकि ऐसे मामले सामने आने के बाद से ही लगातार यह शिक्षक जांच के दायरे में ले गए हैं.

विभिन्न जिलों में ऐसे शिक्षकों को चिन्हित किया गया है. लगातार ऐसे शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच भी की जा रही है. इसमें शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के अलावा TET और स्थाई निवास प्रमाण पत्र के भी फर्जी होने का अंदेशा है. जिसके बाद बड़े स्तर पर जांच चल रही है।
कुंवर सिंह रावत, निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा

बागेश्वर जिले में ऐसे 10 शिक्षकों को जांच के बाद बर्खास्त करने की तैयारी
खास बात यह है कि बागेश्वर जिले में ऐसे 10 शिक्षकों को जांच के बाद बर्खास्त करने की जानकारी है. इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को लेकर भी काफी समय से जांच चल रही थी. जांच रिपोर्ट में प्रमाण पत्र गलत पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल शिक्षकों के प्रमाण पत्र को लेकर ही जांच चल रही है लेकिन इसके बाद सत्यापन प्रक्रिया और ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति के दौरान विभिन्न स्तर पर सरकारी सिस्टम की भूमिका को लेकर भी अलग से जांच की जाएगी.

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल ऐसे विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर है जहां खुद शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर भर्ती हुए हैं. निदेशक प्राथमिक शिक्षा कुंवर सिंह रावत के मुताबिक नियुक्ति से लेकर सभी प्रक्रियाएं जिला स्तर पर पूरी की जाती हैं. इसीलिए अब बर्खास्तगी के आदेश भी जिला स्तर पर ही किए जा रहे हैं.

Related Articles

Back to top button