
मथुरा, 3 अक्टूबर, 26. वृंदावन स्थित प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज आश्रम से कूदकर एक शिष्य की हुई संदिग्ध मौत का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब आश्रम से जुड़े नए-नए विवाद सामने आने लगे हैं. ताजा मामले में तीन अलग-अलग स्थानों से आए तीन परिवारों ने अपने लापता परिजनों की तलाश में आश्रम के बाहर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया.
जहां कल तक श्रद्धालु दूर-दूर से महाराज जी के दर्शन और प्रवचन सुनने आते थे, वहीं अब परिजन अपनों की खोज में वहां दर-दर भटकने को मजबूर हैं. आश्रम के बाहर पहुंचे तीनों परिवारों का आरोप है कि उनके घर के सदस्य प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की बात कहकर वृंदावन आए थे, लेकिन उसके बाद से ही उनका कोई सुराग नहीं लग रहा है.
कासगंज का मयंक (16 वर्ष)
कासगंज जिले की आवास विकास कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय मयंक गत 7 अगस्त को घर से प्रेमानंद जी के दर्शन करने की बात कहकर निकला था, जो आज तक वापस नहीं लौटा.
संभाजी नगर (महाराष्ट्र) की मां उज्ज्वला
महाराष्ट्र के संभाजीनगर से आईं उज्ज्वला नाम की महिला अपने लापता पारिवारिक सदस्य को ढूंढते हुए आश्रम के चक्कर काट रही हैं.
मथुरा (देवी आटस) का परिवार
मथुरा के ही देवी आटस क्षेत्र का एक अन्य परिवार भी अपने लापता सदस्य की तलाश में आश्रम के चक्कर काट रहा है.
परिजनों का आरोप
परिजनों का कहना है था कि वे पिछले तीन महीनों से बेटे की तलाश में आश्रम के चक्कर काट रहे हैं। आरोप है कि आश्रम के साधक और सेवादार उन्हें सही जानकारी न देकर गुमराह कर रहे थे और मिलने नहीं दे रहे थे।
‘महाराज जी को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश’
दूसरी ओर, आश्रम और प्रेमानंद महाराज पर लगातार लग रहे आरोपों के बीच आश्रम के सेवादार भी अब खुलकर सामने आ गए हैं. सेवादारों का साफ तौर पर कहना है कि यह पूरा मामला प्रेमानंद महाराज और उनके पवित्र आश्रम की छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश है.
हालांकि, स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब परिजनों और स्थानीय पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर आश्रम प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने से बचता दिखा. परिजनों का आरोप है कि बात करने के बजाय कुछ लोग उनके और मीडियाकर्मियों के साथ उलझने की कोशिश कर रहे हैं.
बढ़ सकता है बड़ा विवाद
आश्रम परिसर के बाहर अपनों की तलाश में भटक रहे परिजनों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. यदि समय रहते पुलिस प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप कर लापता लोगों का सुराग नहीं लगाया, तो स्थिति बिगड़ने और बड़ा हंगामा होने की पूरी संभावना है. सच्चाई क्या है, यह तो पुलिस और निष्पक्ष जांच एजेंसियों की गहन छानबीन के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा.
शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में कई बदलाव
मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े एक शिष्य की मौत के बाद अब आश्रम की व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं. केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही टोकन के जरिए होने वाले दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है. यमुना विहार कुंज बेलवान स्थित आश्रम में जहां दीक्षित भक्तों को दर्शन की व्यवस्था मिल रही थी, वहां भी अब दर्शन बंद कर दिए गए हैं. इन बदलावों की जानकारी आश्रम में सेवा दे रहे सेवादारों की ओर से भक्तों को दी गई है. इस संबंध में जारी सूचना भी सामने आई है. यानी फिलहाल आश्रम पहुंचने वाले भक्तों के लिए पहले जैसी व्यवस्था नहीं रहेगी।
क्या है शिष्य की मौत का मामला?
दरअसल, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता था, की मौत के बाद यह मामला चर्चा में आया. बिल्डिंग से गिरने के बाद रसिक दुलारी की मौत हो गई थी. इसी के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में ये बदलाव किए गए हैं. मौत को लेकर अलग-अलग सवाल भी उठ रहे हैं. मामले में पुलिस जांच कर रही है. जांच में घटनास्थल और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा रहा है. इस पूरे मामले में आश्रम प्रबंधन की ओर से कैमरे के सामने विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. आश्रम में सेवा से जुड़े सेवादारों ने जरूर माइक के जरिए भक्तों को नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी. यही वजह है कि फिलहाल लोगों के सामने सबसे स्पष्ट जानकारी आश्रम की ओर से जारी बदलावों को लेकर है.



