
चमोली, 14 अक्टूबर, 26. बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार से बदरीनाथ धाम में आंदोलन शुरू कर दिया है. कर्मचारी बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार पर प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक दो घंटे का क्रमिक अनशन कर रहे हैं. कर्मचारियों ने वन टाइम सेटलमेंट लागू करने और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की.
बदरीनाथ में बीकेटीसी के कर्मचारियों का अनशन शुरू, समान वेतन की मांग @ChamoliDm@chamolipolice@pushkardhami@ukcmo@BKTC_UK
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बीकेटीसी) के अधीन कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा. अस्थायी कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से बदरीनाथ, केदारनाथ सहित मंदिर समिति के अधीनस्थ अन्य मंदिरों में सेवाएं दे रहे हैं. इसके बावजूद उनकी नियमितीकरण और वेतन संबंधी मांगें अब तक पूरी नहीं हो पाई हैं. कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अपने भविष्य और वेतन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है.
घोषणा के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
कर्मचारियों के अनुसार, केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान 11 अक्टूबर 2024 को अगस्त्यमुनि में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट और समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था करने की घोषणा की थी. कर्मचारियों का आरोप है कि घोषणा के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाई है. इससे कर्मचारियों में नाराजगी है.
एक सप्ताह तक करेंगे क्रमिक अनशन
आंदोलन शुरू करने से पहले कर्मचारियों ने बदरीनाथ में बीकेटीसी के प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों और प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी थी. कर्मचारियों ने फिलहाल एक सप्ताह तक प्रतिदिन दो घंटे शांतिपूर्ण ढंग से क्रमिक अनशन करने का निर्णय लिया है. उनका कहना है कि यदि इस अवधि में मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने पर विचार करेंगे.
कर्मचारियों के आंदोलन से अब उनकी लंबित मांगों के समाधान को लेकर मंदिर समिति प्रबंधन और शासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है. कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा.



