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देहरादून के समर वैली स्कूल में कुछ छात्राओं ने शिक्षक पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, परिजनों का हंगामा

देहरादून, 23 अक्टूबर, 26. राजधानी देहरादून में एक प्राइवेट स्कूल की छात्राओं ने अपने फिजिक्स शिक्षक पर उनको अनुचित तरीके से छूने के आरोप लगाए हैं. छात्रा और उसकी मां ने इस मामले की लिखित शिकायत स्कूल प्रबंधन से भी की थी. स्कूल प्रबंधन ने छात्रा और उसकी मां को आरोपी शिक्षक के खिलाफ एक्शन लेने का भरोसा दिया था. आरोप है कि बाद में छात्रा को डराकर मामला दबाने का दबाव डाला गया. वहीं, हंगामे की सूचना पर पुलिस की टीम भी स्कूल पहुंची. मामले में स्कूल प्रबंधन के बयान भी लिए जाएंगे.

दरअसल, छात्रा और उसकी मां का आरोप है कि प्रबंधन उनको स्कूल से बाहर नहीं जाने दे रहा है. मां-बेटी स्कूल से बाहर न जा सकें, इसके लिए गेट पर ताला भी लगा दिया गया है. पीड़ित छात्रा के आरोपों के अनुसार फिजिक्स शिक्षक लंबे समय से उनके क्लास की अन्य लड़कियों को भी गलत नीयत से छू रहे थे.

प्रिंसिपल के रवैये पर भी सवाल
छात्रा के अनुसार जब उसने शिकायत की तो प्रिंसिपल ने उससे कहा, बताओ तुमको सर कैसे छूते हैं और पूछा, क्या तुमको घर पर पापा नहीं छूते क्या, इस तरह? छात्रा का आरोप है कि उसे यह भी कहा गया कि “ुम्हारे चेहरे पर लिखा हुआ है कि तुम झूठ बोल रही हो और तुम्हारे साथ इस तरह की कोई घटना नहीं हुई. छात्रा ने बताया कि यह घटना केवल उसके साथ नहीं हुई बल्कि कई अन्य छात्राएं भी इसी तरह की घटनाओं का सामना कर चुकी हैं. उसका कहना है कि यह पहली बार नहीं है.

शिकायत दिखाने में आनाकानी का आरोप
परिजनों का आरोप है कि छात्राओं की शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया. उनका कहना है कि जब वे शिकायत को लेकर स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल वहां से उठकर जाने लगीं और छात्रा द्वारा दी गई शिकायत दिखाने में भी आनाकानी की गई.

शिकायत में कुल 15 छात्राओं के हस्ताक्षर: छात्रा ने यह बात पहले अपनी मां को बताई, जिसके बाद मां स्कूल पहुंची और प्रिंसिपल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई. परिवार का दावा है कि शिकायत में कुल 15 छात्राओं के हस्ताक्षर थे. छात्रा की मां के मुताबिक स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक को नौकरी से हटाने और बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था.

वो गलत तरीके से लड़कियों को छूते थे. हमने उसका विरोध किया. मेरी मम्मी स्कूल आई थी, प्रिंसिपल मैडम के पास और उनसे कहा था कि एक टीचर लड़कियों को गलत तरीके के छूते हैं, उन्हें स्कूल से निकालिए. मैंने खुद एक एप्लीकेशन लिखी थी, जिसमें 15 लड़कियों के साइन कराए थे, जिसमें लिखा था कि वो टीचर गलत तरीके से छूते हैं. इसके बाद प्रिंसिपल ने मेरी मम्मी को बोला कि हम आपकी बच्ची की पूरी सुरक्षा रखेंगे और जो टीचर गलत तरीके के लड़कियों को छूता था, उसको भी निकाल दिया गया है.
-पीड़ित छात्रा

डायरेक्टर ने भी छात्रा को धमकाया
छात्रा का आरोप है कि, हालांकि इसके बाद अगले दिन चौथे पीरियड में उसे प्रिंसिपल ऑफिस बुलाया गया. जहां डायरेक्टर, प्रिंसिपल और एक महिला शिक्षिका मौजूद थीं. वहां डायरेक्टर ने उससे अभद्र ढंग से बात की, उसे झूठा बताया और यह कहा कि वह एक बुजुर्ग शिक्षक पर गलत आरोप लगा रही है.

जब मैं अगले दिन स्कूल आई तो डायरेक्टर ने मुझे चिल्ला कर पूछा कि क्या घर में तुम्हारे फादर तुम्हे टच नहीं करते हैं. मैंने इस पर डायरेक्टर को रिप्लाई किया कि वो सर मेरे फादर नहीं है. उसके बाद डायरेक्टर ने मुझे कहा कि उस टीचर ने तुम्हे कैसे छुआ तुम मुझे छूकर दिखाओ. आज मैं स्कूल में अपनी वो एप्लीकेशन वापस लेने आई थी, जिसमें 15 बच्चों ने साइन भी किए हुए, लेकिन इन्होंने मुझे स्कूल के बाहर खड़ा रखा और बाद में पुलिस को भी बुला दिया. मुझे सिर्फ उस एप्लीकेशन की रिसीविंग चाहिए.
– पीड़ित छात्रा

छात्रा के अनुसार उससे यह भी कहा गया कि शिक्षक ने किस तरह छुआ था, वो छूकर दिखाए. उसका आरोप है कि उसे डराकर कहा गया कि मामले में कोई उसका साथ नहीं देगा और वह अकेली है. साथ ही उससे घर जाकर मां को इस बातचीत के बारे में न बताने को कहा गया.

वहीं, पीड़िता की मां का कहना कि इस घटना के बाद से बेटी डरी-सहमी रहने लगी है और स्कूल जाने से घबराती है. उनका कहना है कि अन्य छात्राएं भी शिक्षक के व्यवहार से परेशान थीं, लेकिन डर और सामाजिक दबाव के चलते अभिभावकों तक शिकायत नहीं पहुंचा पा रही थीं.

मुझे पता तो कई महीनों से था कि स्कूल में कोई टीचर ऐसा कुछ कर रहा है, लेकिन मेरी बेटी खिलाड़ी है तो मैंने उसे बोल दिया था कि आप स्ट्रांग हो आप उससे खुद निपटो. आखिर में जब पानी सिर से ऊपर चला गया तो 15 अक्टूबर को मैं स्कूल आई और मैंने प्रिंसिपल से बात की. प्रिंसिपल ने कहा कि हमने उस टीचर के बारे में पता कर लिया है. हम उसे स्कूल से निकाल देंगे. लेकिन अगले दिन जब मेरी बेटी स्कूल आई तो डायरेक्टर ने मेरी बेटी को बोला की मुझे टच करके दिखाओ, जैसे तुम्हे उस टीचर ने किया था. साथ ही ये भी बोला कि घर जाकर अपनी मम्मी को मत बताना.
– पीड़िता की मां

परिवार ने मांग की है कि शिकायत की रिसीविंग और 15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाले आवेदन की प्रमाणित प्रति दी जाए. डायरेक्टर असेंबली में सभी बच्चों के सामने सार्वजनिक माफी मांगें. छात्राओं को यह संदेश दिया जाए कि किसी भी अनुचित हरकत की सूचना वे बिना डरे अभिभावकों और प्रिंसिपल को दे सकती हैं. वहीं, इस मामले में कोतवाली डालनवाला प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि स्कूल में हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस स्कूल पहुंची थी. अभी स्कूल प्रबंधन और परिजनों से बातचीत चल रही है. बातचीत के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.

यह मामला हमारे संज्ञान में आया है. ऐस में पुलिस टीम को स्कूल में भेजकर जांच करवाई जा रही है. स्कूल प्रबंधन के बयान भी लिए जाएंगे. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
– प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसएसपी, देहरादून

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