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बीरोंखाल में दो मंजिला मकान पर गिरी आकाशीय बिजली, दहशत में परिवार, लाखों का नुकसान

कोटद्वार, 9 अक्टूबर। उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में बुधवार सुबह हुई एक भयावह प्राकृतिक घटना आकाशीय बिजली ने ग्रामीणों को दहला दिया। बीरोंखाल ब्लॉक के ग्राम कांडा मल्ला में एक दो मंजिला मकान पर अचानक आकाशीय बिजली गिरने से मकान को भारी नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित रहे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

आकाशीय बिजली गिरने से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, ग्राम कांडा मल्ला निवासी अनिल पोखरियाल का दो मंजिला पक्का मकान है। बुधवार सुबह अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे उनके मकान पर गिरी। बिजली गिरने के झटके से पूरे घर में धमाका हुआ और कुछ ही क्षणों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। घर के सभी विद्युत उपकरण इनवर्टर, पंखे, टेलीविजन आदि बिजली का सामान सब जलकर नष्ट हो गए, जबकि वायरिंग में आग लग गई, जिससे धुआं फैलने पर घर के अंदर अफरातफरी मच गई। बिजली गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान की ऊपरी मंजिल की दीवारों में दरारें पड़ गईं और छत का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

परिवार बाल-बाल बचा
हादसे के वक्त मकान मालिक अनिल पोखरियाल और उनका परिवार नीचे के हिस्से में मौजूद था, जिससे किसी की जान को नुकसान नहीं हुआ। परिवार ने तुरंत बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान ले लिया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मदद की और आग लगने की संभावना को देखते हुए घर की बिजली सप्लाई काट दी।

दो लाख का नुकसान, प्रशासन को दी सूचना
अनिल पोखरियाल ने बताया कि इस घटना में करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि टेलीविजन, फ्रिज, पंखे और अन्य घरेलू उपकरण पूरी तरह जल गए हैं। साथ ही, दीवारों की मरम्मत और वायरिंग बदलने में भी भारी खर्च आएगा। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना राजस्व उपनिरीक्षक (लेखपाल) को दी। मौके पर राजस्व टीम पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि आपदा राहत फंड के तहत पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जा सके।

ग्रामीणों में दहशत, आकाशीय बिजली से लगातार नुकसान
ग्रामवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है, जिससे कई बार बिजली गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली रोधक यंत्र (Lightning Arresters) लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें।

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