
मोरबी (गुजरात)। झूलने वाले पुल ने सैकड़ों लोगों को हमेेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। गुजरात के मोरबी में 100 लोगों की क्षमता वाले पुलिस में 500 से अधिक लोग चढ़ गये, जो हादसे का कारण बना। मच्छु नदी पर बना ऐतिहासिक झूलता पुल (केबल पुल) के टूटने से बड़ा हादसा हो गया।
एनडीआरएफ की तीम टीमें और सेना भी बचाव में लगी
पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने बताया कि मृतकों की संख्या काफी बढ़ सकती है। अभी भी सैकड़ों लोग लापता हैं। एनडीआरएफ की तीन टीमें और सेना के तीनों अंगों के जवान राहत कार्य में जुटे हैं। वायु सेना का विमान गरुड़ भी मदद के लिए मौके पर पहुंच गया है। पानी के अंदर कीचड़ में धंसे शवों को निकालने के लिए पंपों से पानी हटाया जा रहा है।
छह महीने से बंद पुल को मरम्मत के बाद खोला गया था
मोरबी के इस ऐतिहासिक पुल जो कि 140 साल से अधिक पुराना है, इसकी लंबाई 765 फुट है। ब्रिज का उद्घाटन 1879 में मुंबई के गर्वनर रिचर्ड टेम्पल ने की थी। तब इसकी लागत 3.5 लाख रुपये थी। पुल बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से आया था। पुल को मरम्मत के लिए पिछले महीने से बंद किया गया था, जिसे मरम्मत के बाद दीपावली के दिन ही खोला गया था। बताया जा रहा है कि पुल के मरम्मत में लगभग दो करोड़ की लागत आयी है। बताया जा रहा है कि पुल पर लोग छठ पूजा से जुड़े रश्में भी निभा रहे थे।
पुल की क्षमता 100 लोगों की, चढ़ गये 500 लोग
मिली जानकारी के अनुसार इस पुल की क्षमता करीब 100 लोगों की ही है। इस पुल पर आने के लिए 15 रुपये फीस लगती है। ऐसा समझा जा रहा है कि दिवाली के बाद कमाई के चक्कर में पुल को बिना फिटनेस जांच के ही खोल दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के समय पुल पर कम से कम चार पांच सौ लोग रहे होंगे। ऐसे में इतनी भारी भीड़ का बोझ पुल सह नहीं पाया और भरभराकर टूट गया।
एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा रहा है कि जवान लड़के किस तरह पुल पर मस्ती कर रहे हैं। वे दोनों हाथों से पुल पर लगी रस्सियों को जोर-जोर से हिला भी रहे हैं। देखिये वीडियो
सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवार के लिए 4-4 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों को दो लाख और घायलों पचास हजार रुपये देने का ऐलान किया है।