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यमकेश्वर ब्लॉक के कई गांव कड़ाके की ठंड में भी प्यासे, प्राकृतिक स्रोत से ढो रहे हैं पानी

यमकेश्वर। यमकेश्वर ब्लॉक के दर्जनों गांवों को पानी पिलाने वाली हेंवल नदी पंपिंग पेयजल योजना का पाइप फटने से गांवों में पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। ऐसे में कड़ाके की ठंड में भी सैकड़ों लोग कई किमी. की दूरी नाम कर प्राकृतिक स्रोत से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। शिकायत के बाद भी जलसंस्थान लोगों की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।

हेंवल नदी पंपिंग पेयजल योजना से यमकेश्वर ब्लॉक के परिंदा, डांगी, पठोला, रिखेड़ा, बनचूरी, खोबरा, चोपड़ा, बगोड़गांव, थनूर, भृगुखाल, बिनक आदि गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। पिछले रविवार को पेयजल योजना का मुख्य पाइप फट जाने के कारण उक्त सभी गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। विभाग की ओर से ग्रामीणों के लिए पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई है जिसके कारण लोगों में विभाग के खिलाफ आक्रोश है।

बन्चूरी की प्रधान विनीता लखेड़ा का कहना है कि कई दिनों से हम लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। जल संस्थान के एक्सईएन को लिखित में शिकायत भी की गयी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने जलसंस्थान पर क्षेत्र की जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। जलसंस्थान से लगातार पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन विभाग न तो पेयजल लाइन ठीक कर रहा है और न ही पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है। ऐसे में उन्हें प्राकृतिक स्रोत से सिर पर पानी ढोना पड़ रहा है। उधर, डांगी की प्रधान सुलोचना का कहना है कि पानी की पाइप लाइन देवी डांडा में फटी हुई थी, जो अब ठीक कर ली गयी है। अब पानी की आपूर्ति नियमित हो गयी है।

जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि हेंवल नदी पेयजल योजना का मेन पाइप फटने के कारण क्षेत्रीय जनता को इसकी परेशानी उठानी पड़ रही है। शीघ्र पाइप बदलकर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू करा दी जायेगी। https://sarthakpahal.com/

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